- क्यों छात्रों ने विधानसभा का घेराव किया
- कैसे छात्रसंघ बहाली और प्राइवेट स्कूल फीस पर रोक की मांग ने हंगामा मचाया
- क्या है छात्रों की प्रमुख मांगें और उनके समाधान की संभावना
लखनऊ। बुधवार को लखनऊ में राष्ट्रीय छात्र पंचायत के बैनर तले हजारों छात्रों ने GP0 पार्क से विधानसभा का घेराव करने की कोशिश की। छात्रों का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ बहाली की प्रक्रिया को शुरू कराना और निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर रोक लगवाना था।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने शुरू में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठाई, लेकिन जैसे ही वे विधानसभा की ओर बढ़े, पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसके बाद छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हो गई और छात्रों ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर नारेबाजी शुरू कर दी।
छात्रों की प्रमुख मांगें:
छात्र नेता शिवम पांडेय ने कहा, “प्राइवेट स्कूलों की फीस पर रोक लगाई जाए और छात्रसंघ की बहाली की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। साथ ही, सार्वजनिक शिक्षा को अधिक सुलभ और सशक्त बनाया जाए।” छात्रों ने आरोप लगाया कि प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस के कारण आम परिवार अपने बच्चों को शिक्षा नहीं दिला पा रहे हैं।
सड़क जाम और अफरा-तफरी:
प्रदर्शन के कारण करीब आधे घंटे तक सड़क पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। अंत में स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे छात्रों को शांत कराया जा सका।
यह विरोध प्रदर्शन उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए छात्रों ने मिलकर आयोजित किया था, जो अपनी समस्याओं को हल करने के लिए शासन से कार्रवाई की मांग कर रहे थे।








