- सीएम योगी बोले – हर जिला जज के लिए एसी लगाएगी सरकार
- न्यायपालिका के लिए ₹50 करोड़ का कॉर्पस फंड बनाने का ऐलान
- यूपी में न्यायिक ढांचे को मजबूत करने के लिए 381 नए कोर्ट बने
लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट बेंच के 42वें वार्षिक अधिवेशन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यायपालिका को आधुनिक बनाने के लिए कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि हर जिला जज के लिए एसी लगाया जाएगा और इसके लिए यूपी सरकार मदद करेगी। योगी बोले, “मैं हाल ही में एक जिला अदालत गया था, वहां प्राकृतिक गर्मी तो थी ही, वकीलों की भी गर्मी थी। इसलिए एसी की सुविधा जरूरी है।”
₹50 करोड़ का कॉर्पस फंड और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार
सीएम योगी ने बताया कि जजों की सुरक्षा और कल्याण के लिए ₹50 करोड़ का कॉर्पस फंड बनाया जाएगा। अदालतों में बेहतर कार्य वातावरण के लिए फर्नीचर, एसी और आधुनिक सुविधाएं भी दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ है और न्यायिक प्रक्रिया को तेज, सुलभ और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
लंबित मामलों पर योगी का फोकस
सीएम योगी ने कहा कि 2024 में ही 72 लाख मामलों का निस्तारण हुआ है, जो बड़ी उपलब्धि है, लेकिन नए केस बढ़ने से पेंडेंसी भी बढ़ रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि यूपी में 10 लाख जनसंख्या पर केवल 11 जज हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने 50 जज का लक्ष्य तय किया था।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और नए कोर्ट का ऐलान
सरकार ने 381 नए न्यायालय बनाने के साथ-साथ कोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाया है। तीसरा राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग लागू कर दिया गया है, जिसके लिए ₹1092 करोड़ स्वीकृत हुए हैं। साथ ही, इलाहाबाद हाईकोर्ट के जजों के आवास निर्माण के लिए ₹62 करोड़ से ज्यादा का बजट मंजूर हुआ है।
डिजिटल सुधार और भविष्य की योजना
सीएम योगी ने कहा कि ई-फाइलिंग, वर्चुअल हियरिंग और डिजिटल रिकॉर्ड्स जैसे तकनीकी बदलाव न्यायपालिका को और सशक्त बनाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार न्यायिक सेवाओं में सुधार के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि आम जनता को समय पर और सुलभ न्याय मिल सके।








