
- ED की क्लोजर रिपोर्ट को मंजूरी, मनी लॉन्ड्रिंग का कोई ठोस सबूत नहीं
- कोर्ट ने सुरेश कलमाड़ी और ललित भनोट समेत सभी आरोपियों की जांच समाप्त की
- कांग्रेस ने BJP और AAP पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया
नई दिल्ली। 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में हुई कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामले में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी, लेकिन कोर्ट ने जांच को समाप्त कर दिया। कोर्ट के अनुसार, CBI पहले ही सभी आरोपियों को भ्रष्टाचार के मामले में बरी कर चुकी थी, और ED की जांच में कोई ठोस अपराध का सबूत नहीं मिला। इस फैसले के साथ, कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला मामला आधिकारिक रूप से बंद हो गया।
सुरेश कलमाड़ी और ललित भनोट जैसे प्रमुख आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू हुई थी, लेकिन ED को कोई ऐसा सबूत नहीं मिला जिससे यह साबित होता कि किसी प्रकार की मनी लॉन्ड्रिंग हुई हो। CBI ने पहले ही भ्रष्टाचार के आरोपों में इन्हें बरी कर दिया था, और अब ED की क्लोजर रिपोर्ट के बाद कोर्ट ने इसे निष्कर्षित कर दिया है।
कांग्रेस ने इस फैसले के बाद भाजपा और आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाए। पार्टी के नेता पवन खेड़ा ने कहा कि यह मामला झूठ का मायाजाल था, जिसे अब खत्म कर दिया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से माफी की मांग की, जिन पर आरोप था कि उन्होंने इस मामले के जरिए राजनीति की।









