- छतरपुर (MP) के बमीठा थाने में IPC धारा 353(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज
- मामले की जांच जारी, जरूरत पड़ने पर होगी गिरफ्तारी
- धीरेंद्र शास्त्री बोले – हिंदुत्व की सेवा जारी रहेगी, आरोपों से नहीं डरेंगे
लखनऊ। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को सोशल मीडिया पोस्ट में ‘महिला तस्कर’ कहने वाले लखनऊ यूनिवर्सिटी के हिंदी विभाग के प्रोफेसर रविकांत के खिलाफ मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में FIR दर्ज की गई है। यह शिकायत बागेश्वर धाम जन समिति के सदस्य धीरेंद्र कुमार गौर द्वारा बमीठा थाने में कराई गई।
किस आधार पर दर्ज हुई FIR?
31 जुलाई को प्रो. रविकांत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर पोस्ट कर लिखा था—
“नॉन बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित छोटा भाई धीरेंद्र शास्त्री धर्म की आड़ में महिला तस्करी कर रहा है।”
इस टिप्पणी के बाद धर्मस्थल और समर्थकों में नाराज़गी फैल गई। शिकायतकर्ता ने इसे बागेश्वर धाम और धीरेंद्र शास्त्री की छवि बिगाड़ने वाला कृत्य बताया।
FIR में क्या धाराएँ लगी हैं?
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मामला धारा 353(2) बीएनएस के तहत दर्ज हुआ है।
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इसमें 3 साल तक की सजा का प्रावधान है।
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पुलिस ने कहा कि फिलहाल गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
मामला कैसे तूल पकड़ा?
हाल ही में छतरपुर के लवकुशनगर क्षेत्र में एक एम्बुलेंस से 13 महिलाओं को संदिग्ध हालत में ले जाए जाने का वीडियो सामने आया था। महिलाओं ने आरोप लगाया कि बागेश्वर धाम की महिला सेवादार ने जबर्दस्ती बाल पकड़कर एम्बुलेंस में बैठाया और धमकी दी। इसी घटना के आधार पर प्रो. रविकांत ने विवादित टिप्पणी की थी।
धीरेंद्र शास्त्री की प्रतिक्रिया
FIR दर्ज होने के बाद पं. धीरेंद्र शास्त्री ने देर रात वीडियो जारी कर कहा—
“हम हिंदुत्व और सनातन की सेवा करते रहेंगे। यह तो अभी आरंभ है, आगे और आरोप लगेंगे… मगर हम संकल्प से पीछे नहीं हटेंगे।”








