ऑपरेशन के लिए बाहर से सामान खरीदने की बात पर विवाद

  • आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए अधिकृत मेडिकल स्टोर से सुविधा उपलब्ध
  • प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच के संकेत
  • मरीजों और तीमारदारों की प्रतिक्रिया मिली-जुली

अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक पीएन यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई है। वीडियो में सीएमएस मरीजों से ऑपरेशन के लिए कुछ सर्जिकल सामान बाहर से लाने की बात करते नजर आ रहे हैं। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

वीडियो में दिखा मरीज से संवाद
वायरल वीडियो में सीएमएस पीएन यादव एक मरीज से पूछते हैं कि वह सर्जिकल सामान कहां से लाया है। वे मरीज को यह भी कहते सुने जा सकते हैं कि यदि उसे किसी चीज पर संदेह है, तो वह स्वयं जाकर सामान खरीद सकता है। बातचीत में यह भी सामने आता है कि सीएमएस ने पहले भी दो-तीन मरीजों को बाहर से सामान लाने को कहा है।

वीडियो सामने आने के बाद लोगों में यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या सरकारी अस्पतालों में अब मरीजों को जीवनरक्षक या ऑपरेशन में उपयोग होने वाला सामान खुद से लाना होगा?

CMS ने दी सफाई
मामला तूल पकड़ते देख सीएमएस पीएन यादव ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि कुछ सर्जिकल सामान, जैसे ‘नेल’ (जो हड्डी के ऑपरेशन में लगाया जाता है), की नियमित आपूर्ति अस्पताल को नहीं होती है। ऐसे में मरीजों को बाहर से ये सामान लाने के लिए कहा जाता है, ताकि ऑपरेशन समय पर और सुरक्षित तरीके से किया जा सके।

सीएमएस ने कहा कि यदि यह नेल ठीक से न लगे, तो संक्रमण या गंभीर जटिलता हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी अस्पताल और मरीज दोनों पर आती है। इसलिए क्वालिटी से समझौता नहीं किया जा सकता।

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