- स्कूल एडमिशन के चलते बच्चों के आधार कार्ड में संशोधन की बढ़ी मांग
- जिला मुख्यालय व ग्रामीण केंद्रों पर लग रही लंबी लाइनें
- सीमित संसाधन और स्टाफ की कमी से हो रही परेशानी
अंबेडकरनगर। विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया के बीच बच्चों के आधार कार्ड बनवाने और संशोधन के लिए अभिभावकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण इलाकों के आधार सेवा केंद्रों पर सुबह से ही लंबी लाइनें लग रही हैं, लेकिन सीमित संसाधनों और स्टाफ की कमी के चलते अधिकांश लोग निराश लौट रहे हैं।
बैंक ऑफ बड़ौदा, प्रधान डाकघर और आसपास के आधार सेवा केंद्रों पर नए आधार कार्ड और संशोधन कार्य के लिए भारी भीड़ देखी गई। छोटे-छोटे बच्चों को लेकर पहुंचे अभिभावक घंटों लाइन में खड़े रहे, लेकिन अधिकतर का कार्य नहीं हो पाया।
बैंक ऑफ बड़ौदा में आधार कार्य के लिए मात्र एक काउंटर चालू है, जिससे लोगों को दो से तीन घंटे तक प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। प्रधान डाकघर में दो काउंटर चल रहे हैं, लेकिन वहां भी रोजाना केवल 40 से 50 आवेदन ही निपटाए जा रहे हैं।
जहांगीरगंज की कविता मिश्रा और रामपुर के आकाश श्रीवास्तव ने बताया कि “पिछले एक हफ्ते से आधार कार्ड में सुधार के लिए आ रहे हैं, लेकिन स्टाफ और समय की कमी के कारण काम अधूरा ही रह जा रहा है।”
प्रधान डाकघर की पोस्ट मास्टर नूतन सिंह ने बताया कि “प्रतिदिन 40 से 50 आवेदन निपटाए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी आधार केंद्र संचालित हैं, लेकिन सबसे अधिक दबाव संशोधन कार्य का है, जिसमें अपेक्षाकृत अधिक समय लगता है।”








