
- 20 साइबर ठग गिरफ्तार, ज्यादातर 5वीं-11वीं पास
- झोपड़ियों से चल रहा था ठगी का नेटवर्क
- ठगी के नाम पर पुलिस अधिकारी, लोन और आवास योजना का झांसा
कानपुर: यूपी में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसे ‘मिनी जामताड़ा’ कहा जा रहा है। कानपुर पुलिस ने मंगलवार शाम रेउना क्षेत्र में फिल्मी स्टाइल में छापा मारकर 20 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने 17 गाड़ियों के साथ इलाके में प्रवेश किया और ड्रोन से रेकी कर पूरे क्षेत्र को चारों ओर से घेर लिया। जांच में पता चला कि ठग खेतों और झोपड़ियों में बैठकर देशभर में लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। वे कभी पुलिस अधिकारी बनकर, कभी आवास योजना या बैंक लोन का झांसा देकर लोगों से पैसों की ठगी करते थे।
पकड़े गए सभी ठग 5वीं, 8वीं या 11वीं पास हैं। एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि रेउना क्षेत्र साइबर ठगी का हॉटस्पॉट बन गया था। पुलिस के प्रतिबिंब पोर्टल पर रठिगांव, लक्ष्मणपुर, समाज नगर, बड़ेला और आदिगांव को भी हाईलाइट किया गया था।
पुलिस अफसरों ने सिविल ड्रेस में इलाके का निरीक्षण किया और देखा कि झोपड़ियों में युवक ग्रुप बनाकर सुबह कॉल कर ठगी करते थे। ऑपरेशन ने साइबर ठगी के इस नेटवर्क को उजागर किया है।









