
अंबेडकरनगर। जिले में सरकारी पेंशन व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करने वाला मामला सामने आया है। ग्राम सैदापुर निवासी मृतक पेंशनर मेवालाल की मृत्यु के बाद भी उनके पुत्रों ने 11 महीनों तक पेंशन की राशि निकालकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया। मामले में ग्राम पंचायत स्तर से लेकर कोषागार तक दस्तावेजी हेरफेर का खुलासा हुआ है।
मौत के बाद भी जारी रही पेंशन
जानकारी के अनुसार, सैदापुर निवासी मेवालाल (पिता: इंदरराम, पीपीओ नंबर P-013/011/012101) की मृत्यु 8 दिसंबर 2023 को हो चुकी थी। इसके बावजूद जनवरी 2024 से नवंबर 2024 तक उनकी पेंशन खाते में आती रही। इस दौरान उनके पुत्र शशि प्रकाश और ओमप्रकाश ने कोषागार को सूचना दिए बिना एटीएम के जरिए राशि निकाल ली।
प्रमाण-पत्र में जालसाजी का खुलासा
तहसीलदार अकबरपुर की जांच रिपोर्ट (पत्रांक: 155/जनसुनवाई/सैदापुर/जांच कार्यवाही/2025, दिनांक: 29 अक्टूबर 2025) में खुलासा हुआ कि ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण-पत्र में गलत तारीख दर्ज की गई। वास्तविक मृत्यु 8 दिसंबर 2023 की थी, जबकि प्रमाण-पत्र में मृत्यु 8 मई 2024 दर्शाई गई। इस विसंगति ने जालसाजी का पूरा खेल उजागर कर दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, “पेंशनर मेवालाल पुत्र इंदर की मृत्यु 08.12.2023 को हुई है, जबकि ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा मृत्यु का दिनांक 08.05.2024 दर्शाया गया है।”








