नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को दिल्ली में आयोजित एयर फोर्स कमांडर्स कॉन्क्लेव में कहा कि भारत का स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम ‘सुदर्शन चक्र’ देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों से कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से प्राप्त रणनीतिक और ऑपरेशनल सबक को ध्यान में रखते हुए भविष्य की चुनौतियों के लिए हमेशा तैयार रहना होगा।
सेना की ताकत और जनता का भरोसा:
राजनाथ सिंह ने कहा कि जब पाकिस्तान ने भारतीय ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की, तब जनता ने संयम दिखाया और सामान्य गतिविधियां जारी रखीं। यह दर्शाता है कि भारतीय जनता अपने सेनाओं पर पूरी तरह भरोसा करती है। उन्होंने आधुनिक युद्ध में एयर पावर की सामरिक और रणनीतिक महत्व पर जोर दिया, जिसमें गति, आश्चर्य और त्वरित प्रभाव की भूमिका होती है।
सुदर्शन चक्र और तकनीकी तैयारी:
रक्षा मंत्री ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित ‘सुदर्शन चक्र’ को भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकसित किया जा रहा है। यह प्रणाली भारत की लेयर्ड एयर डिफेंस क्षमता को मजबूत करेगी और इसमें सेंसर, हथियार प्लेटफॉर्म और कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम का एकीकरण होगा, जिससे हवाई खतरों पर समय पर प्रतिक्रिया दी जा सके।
भविष्य की चुनौतियां और नवाचार:
राजनाथ सिंह ने कहा कि आधुनिक युद्ध अब तकनीक और नवाचार पर आधारित है। इसमें साइबर युद्ध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, सैटेलाइट निगरानी और स्पेस टेक्नोलॉजी अहम कड़ियां हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को तीनों सेनाओं के संयुक्त संचालन का उदाहरण बताते हुए कहा कि भविष्य में सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और समन्वय बेहद जरूरी है।
कॉन्क्लेव में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।








