- NSUI के शशांक शेखर सिंह और संदीप पाल को RSS गणवेश जलाने के मामले में जेल भेजा
- शुक्रवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में रिहाई की मांग को लेकर विरोध मार्च
- छात्रों को गेट के अंदर ही पुलिस ने रोक दिया, डीसीपी और एसीपी मौजूद
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में 15 अक्टूबर को केरल के IT विशेषज्ञ की आत्महत्या के विरोध में RSS के गणवेश जलाने के मामले में NSUI के जिलाध्यक्ष शशांक शेखर सिंह और उपाध्यक्ष संदीप पाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इन दोनों की रिहाई की मांग को लेकर शुक्रवार को NSUI के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय में विरोध मार्च निकाला। छात्र और कार्यकर्ताओं को मलदहिया चौराहे तक जाने से पहले पुलिस ने गेट के अंदर ही रोक दिया। मौके पर डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल और एसीपी चेतगंज इशांत सोनी भी मौजूद रहे।
NSUI के इकाई अध्यक्ष गौतम शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए छात्रों को गलत तरीके से चालान कर जेल भेजा गया है। वे पिछले दो दिन से जेल में हैं और उनकी रिहाई नहीं की जा रही। उन्होंने सरकार से मांग की कि छात्रों को तुरंत रिहा किया जाए।
छात्र नेता शिवम यादव ने कहा कि विरोध प्रदर्शन संविधान के तहत सामाजिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। इसके बावजूद छात्रों को जेल भेजा गया, जो पूरी तरह गलत है।
बताया जा रहा है कि केरल के IT प्रोफेशनल ने अपनी मौत से पहले इंस्टाग्राम पर RSS के खिलाफ पोस्ट की थी। इसके विरोध में NSUI नेताओं और छात्रों ने प्रदर्शन करते हुए RSS का गणवेश जलाया था। इसी कार्रवाई के चलते पुलिस ने शशांक शेखर सिंह और संदीप पाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा।








