लखनऊ समेत 5 जिलों के लिए स्टेट कैपिटल रीजन का विकास- 100 किलोमीटर रिंग रोड का प्रस्ताव

  • पांच जिलों के समग्र विकास के लिए टेंडर जारी, कंसलटेंसी एजेंसी ने सर्वे कार्य शुरू किया।
  • स्टेट कैपिटल रीजन के निर्माण से लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
  • 100 किलोमीटर लंबी रिंग रोड और पुलों के निर्माण से यातायात समस्या का समाधान होगा।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के गठन के लिए काम तेज हो गया है। अब इसके विकास के लिए कंसलटेंसी एजेंसी का चयन लगभग पूरा हो चुका है। एजेंसी में 18 सदस्य शामिल हैं, जो पांच जिलों—लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली, और बाराबंकी—के विकास का रोडमैप तैयार करेंगे। यह रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। SCR बनने से इन पांच जिलों के 10,000 से अधिक गांवों का विकास होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

इस परियोजना के तहत पांच जिलों के सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा टेंडर जारी किया गया था, जिसमें दिल्ली, चेन्नई, अहमदाबाद जैसे शहरों की कंपनियों ने हिस्सा लिया था। कमिश्नर ने एक एजेंसी का चयन कर लिया है और वह जल्द ही सर्वेक्षण शुरू करेगी।

रिंग रोड और पुलों का निर्माण
SCR के अंतर्गत लखनऊ और उसके आस-पास के पांच जिलों को आपस में जोड़ने के लिए पुलों की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही लगभग 100 किलोमीटर लंबी दो रिंग रोड का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे इन जिलों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा और जाम की समस्या को कम किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री SCR के अध्यक्ष
मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश SCR के अध्यक्ष होंगे, जबकि मुख्य सचिव उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे। इस योजना में आवास, शहरी नियोजन, वित्त, विधि, और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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