
लखनऊ।
लखनऊ नगर निगम में मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार के बीच चल रही अधिकारों की खींचतान अब खुले तौर पर सामने आ गई है। इस विवाद के चलते दो कार्यकारिणी बैठकें बेनतीजा रही हैं। पहली बैठक 24 अक्टूबर को हुई, जबकि दूसरी बैठक 30 अक्टूबर को आयोजित हुई।
बैठक में हुआ गतिरोध
पहली बैठक में अधिकारों को लेकर दोनों के बीच अनबन हुई। दूसरी बैठक में मेयर सुषमा खर्कवाल मुखर रहीं, जबकि नगर आयुक्त गौरव कुमार शांत दिखाई दिए। दोनों के विवाद की चर्चा शहर में तेजी से हो रही है।
नगर निगम के सदन में 4 और 9 सितंबर को हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, लेकिन मीटिंग मिनट्स पर अभी तक सिग्नेचर नहीं हुआ, जिससे कार्यों पर काम ठहर गया है। मेयर ने इन प्रस्तावों को अगले सदन में रखने की बात कही है।
बजट कार्यकारिणी का अभाव, विकास कार्य रुके
नगर निगम ने 14 अक्टूबर के बाद बजट कार्यकारिणी के लिए समय मांगा था, लेकिन अब तक कोई बैठक नहीं हो सकी। इससे नगर निगम के कई मूलभूत विकास कार्य अटके हुए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- नालों को कवर करना
- सड़क निर्माण और पैच वर्क
- शहर में लाइटिंग सुधार
नगर निगम के पास बजट मौजूद है, लेकिन अलग-अलग मदों में पैसा सीमित है। नाला सफाई, पैच वर्क और लाइटिंग के लिए आवश्यक राशि का समुचित वितरण नहीं हो पा रहा।








