
वाराणसी। बड़ागांव थाना क्षेत्र के अहरक गांव में घर से बाहर निकलने का रास्ता बंद होने से परेशान 50 वर्षीय महिला ने बुधवार शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान कविता उपाध्याय के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि करीब दो साल से रास्ते पर हुए कथित कब्जे को हटवाने के लिए परिवार लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहा था, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
डीएम कार्यालय से तहसील तक शिकायतों का दावा
कविता के बेटे विशाल उपाध्याय का आरोप है कि रास्ते का विवाद सुलझाने के लिए डीएम को 50 से अधिक बार शिकायत दी गई। करीब एक साल पहले परिवार ने डीएम कार्यालय के बाहर धरना भी दिया था। इसके अलावा तहसील में एडीएम को 100 से अधिक प्रार्थना पत्र दिए गए।
परिवार का कहना है कि कविता कई बार अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा चुकी थीं। बेटे के मुताबिक, उन्होंने अधिकारियों से न्याय नहीं मिलने पर जान देने की बात भी कही थी।
चहारदीवारी से बंद हुआ छह फीट चौड़ा रास्ता
परिजनों के अनुसार, गांव के बीच स्थित उनके मकान से बाहर निकलने के लिए करीब छह फीट चौड़ा रास्ता नवीन परती की जमीन से होकर जाता था। आरोप है कि करीब दो साल पहले मनीष उपाध्याय और अमित उपाध्याय के परिजनों ने उक्त जमीन पर चहारदीवारी कर रास्ता बंद कर दिया।
इसके बाद परिवार को आने-जाने के लिए करीब दो फीट के वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ रहा था। परिवार का आरोप है कि इसी कब्जे को हटवाने के लिए लगातार अधिकारियों से शिकायत की गई।









