जिला अस्पताल बना ‘भीड़ का अखाड़ा’, प्रशासन बेबस

  • तीन दिन की छुट्टियों के बाद जिला अस्पताल में मरीजों की बेतहाशा भीड़
  • इमरजेंसी गेट तक जाम, कई एम्बुलेंसें फंसी, गंभीर मरीज परेशान
  • रजिस्ट्रेशन काउंटर पर अफरा-तफरी, पर्चा बनवाने में लगा घंटों समय

अम्बेडकरनगर। तीन दिन की लगातार छुट्टियों के बाद सोमवार को जिला अस्पताल खुलते ही यहां मरीजों और तीमारदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जिला अस्पताल का हर कोना भीड़ से पटा रहा। हालात ऐसे बने कि इमरजेंसी गेट से लेकर अम्बेडकर प्रतिमा तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई एम्बुलेंसें जाम में फंस गईं, जिनमें गंभीर मरीज भी मौजूद थे। अस्पताल और जिला प्रशासन स्थिति संभालने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ।

इमरजेंसी गेट तक लगा जाम, मरीज फंसे एम्बुलेंस में
सुबह आठ बजे से ही जिला अस्पताल के बाहर वाहनों की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। ओपीडी खुलने से पहले ही मरीजों की लंबी कतारें लग गईं। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, भीड़ का दबाव बढ़ता गया। अम्बेडकर प्रतिमा से लेकर इमरजेंसी गेट तक जाम लग गया, जिससे एम्बुलेंस समेत आम लोगों का निकलना दूभर हो गया।
तीमारदारों का कहना था कि कई मरीजों की हालत गंभीर थी, लेकिन जाम में फंसने की वजह से समय पर इलाज नहीं मिल सका।

रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मची अफरा-तफरी
सबसे ज्यादा भीड़ रजिस्ट्रेशन काउंटर और ओपीडी खिड़की पर देखने को मिली। सुबह 9 बजे से ही यहां पर सैकड़ों की संख्या में लोग जुटे थे। काउंटर पर तैनात कर्मचारी लगातार प्रयास करते रहे, लेकिन भारी भीड़ के सामने वे भी बेबस नजर आए। कई मरीजों को पर्चा बनवाने के लिए दो से तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। भीड़ के चलते कतारों में धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी रही।

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