टांडा में सीएफसी स्थापना को लेकर जिलाधिकारी की अहम बैठक

जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में बैठक संपन्न

आधुनिक मशीनों और नई तकनीक से टांडा टेक्सटाइल उद्योग को मजबूती

जामदानी विधा को जीआई टैग दिलाने और बुनकरों को प्रोत्साहन पर जोर

अम्बेडकरनगर: एमएसएमई क्लस्टर/ओडीओपी योजना के अंतर्गत टांडा में कम्बाइंड फैक्ट्री सेंटर (सीएफसी) की स्थापना को लेकर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत स्थानीय उद्यमियों, व्यापारियों और संबंधित अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

टांडा टेक्सटाइल उद्योग को आधुनिक बनाने पर जोर

बैठक के दौरान टांडा टेक्सटाइल्स एसोसिएशन के सीएफसी टांडा एसपीवी सदस्य गयास अहमद ने बताया कि सीएफसी को अपग्रेड बनाने के लिए आधुनिक मशीनों की आवश्यकता है, जिसमें एयरजेट मशीन और कैलेंडरिंग मशीन शामिल हैं। निदेशक ने बताया कि इन मशीनों की कोटेशन अगले दो दिनों में उपायुक्त उद्योग को उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने उद्योगों को आधुनिक बनाने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके तहत स्पिनिंग और स्टीचिंग मिल के लिए अलग सीएफसी स्थापित करने और जामदानी विधा को पुनर्जीवित करने की प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया गया।

एमएसएमई ऑडिटोरियम व प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना

बैठक में जिलाधिकारी ने टांडा में प्रस्तावित एमएसएमई ऑडिटोरियम के साथ पैकेजिंग, लेबलिंग, कौशल विकास प्रशिक्षण और रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट (R&D) सुविधा की स्थापना हेतु आवश्यक दिशा–निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी प्रस्तावों को एक माह के भीतर प्रस्तुत किया जाए।

जामदानी विधा को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन

जिलाधिकारी ने टांडा में निर्मित साड़ियों, स्टॉल और रूमाल पर जामदानी विधा को जीआई टैग दिलाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया। इसके तहत स्थानीय बुनकरों और उद्योगियों को प्रोत्साहन देने और परंपरागत हथकरघा उद्योग को पुनर्जीवित करने पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।

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