बाराबंकी। शहर के एक नामचीन स्कूल में पढ़ने वाली 11वीं की छात्रा और पूर्व जिला टॉपर नंदिनी वर्मा की शुक्रवार को क्लास के दौरान अचानक हिचकी आने के बाद मौत हो गई। नंदिनी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की छात्रा थी और हाल ही में 10वीं बोर्ड परीक्षा में जिले में तीसरे स्थान पर रही थी।
घटना स्कूल के लंच टाइम के दौरान की है, जब नंदिनी अपनी सहेलियों के साथ भोजन कर रही थी। तभी उसे तेज हिचकियां आने लगीं। वह थोड़ी देर में बेहोश हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उसकी नाक से खून और मुंह से झाग निकलने लगा। स्कूल स्टाफ उसे तुरंत अस्पताल लेकर गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
तीन बहनों के साथ रहती थी किराए के मकान में
नंदिनी मूल रूप से नियामतगंज गांव (टिकैतनगर थाना क्षेत्र) की रहने वाली थी। वह श्रावस्ती नगर में अपनी दो बहनों के साथ किराए के कमरे में रहती थी और लखपेड़ा बाग स्थित स्कूल में पढ़ाई करती थी। तीनों बहनें इसी स्कूल में पढ़ती थीं।
नंदिनी को उसके गांव में दफना दिया गया। वह 9 भाई-बहनों में पांचवें नंबर पर थी। पिता राजितराम वर्मा एक साधारण किसान हैं। परिवार उसकी मौत से स्तब्ध और गहरे शोक में है।
क्लासमेट्स और टीचर की आंखें नम
नंदिनी की सहपाठी शिवानी प्रजापति ने बताया कि लंच टाइम में जब हिचकियां आईं, तो नंदिनी ने कहा था कि ऐसा अक्सर होता है और कुछ देर में ठीक हो जाता है। लेकिन कुछ ही देर बाद वह बेहोश हो गई।
टीचर सरिता वर्मा ने बताया कि नंदिनी बहुत ही हंसमुख और मेधावी छात्रा थी। वह गाने का शौक रखती थी। जब उसे अस्पताल ले जाया गया, तब वह भारी सांसें ले रही थी और हालत काफी बिगड़ चुकी थी।
पिता बोले- MBA करना चाहती थी बेटी
नंदिनी के पिता ने बताया कि बेटी का सपना MBA करने और आगे आईएएस बनने का था। उन्होंने कहा, “मुझे यकीन नहीं हो रहा कि मेरी पढ़ाई में अव्वल बेटी अब नहीं रही। मेरी दो अन्य बेटियां भी बाराबंकी में रहकर IAS की तैयारी कर रही हैं।”
डॉक्टरों ने बताई हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक की आशंका
जिला अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. वीरेंद्र मोहन मौर्या ने आशंका जताई कि यह मामला साइलेंट हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक का हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर पोस्टमॉर्टम कराया गया होता तो मृत्यु का सही कारण स्पष्ट हो सकता था।








