
- डीएम ने टीकाकरण की धीमी प्रगति पर जताई नाराज़गी
- सीएचओ की उपस्थिति का ग्राम स्तर पर सत्यापन अनिवार्य
- “नो वर्क – नो पे” नियम सख्ती से लागू होगा
अंबेडकरनगर। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने टीकाकरण की प्रगति को असंतोषजनक करार देते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और समयबद्ध सुधार के निर्देश दिए।
सीएचओ की उपस्थिति अनिवार्य, सत्यापन ग्राम स्तर पर
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) अपने-अपने आरोग्य मंदिर पर नियमित रूप से उपस्थित रहें। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान, सचिव, लेखपाल तथा पंचायत सहायक द्वारा इनकी उपस्थिति का सत्यापन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि सीएचओ का वेतन केवल उनके अनुमोदन के उपरांत ही निर्गत किया जाएगा।
“नो वर्क – नो पे” नियम लागू, अनुशासनहीनों पर कार्रवाई तय
बैठक में जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि अनुपस्थिति या कार्य में लापरवाही की स्थिति में “नो वर्क – नो पे” नियम का सख्ती से पालन होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि तीन बार चेतावनी देने के बावजूद कार्य में सुधार न होने की दशा में संबंधित सीएचओ या आशा को नियमानुसार सेवा से पृथक करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
आशा कार्यकर्ताओं की कार्यप्रणाली की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी एमओआईसी को अपने-अपने क्षेत्रों की आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आशाओं की जवाबदेही तय की जाए और उनके कार्यों की मानीटरिंग का प्रोटोकॉल अपनाया जाए ताकि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बनी रहे।








