क्या किसी इंडस्ट्री के पास इतनी ताकत है कि वह बॉलीवुड को चुप करवा दे?

  • क्या बॉलीवुड वाकई डर के साये में जी रहा है?
  • जावेद अख्तर ने उठाया बड़ा सवाल, सेलेब्स क्यों नहीं बोलते?
  • हॉलीवुड बनाम बॉलीवुड, क्या है अभिव्यक्ति की आज़ादी का फर्क?

बॉलीवुड में राजनीतिक मुद्दों पर सेलेब्स की चुप्पी एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने खुलकर अपनी बात रखी है। वरिष्ठ वकील और नेता कपिल सिब्बल को दिए एक इंटरव्यू में जावेद अख्तर ने कहा कि भारत में कलाकार सरकार के खिलाफ बोलने से डरते हैं क्योंकि उन्हें इनकम टैक्स, ईडी या सीबीआई की रेड का डर सताता है।

सिब्बल द्वारा पूछे गए सवाल, “यूके की मेरिल स्ट्रीप जैसी हस्तियां सरकार की नीतियों के खिलाफ बोलती हैं, लेकिन हमारे यहां सभी चुप हैं, ऐसा क्यों?” पर जावेद अख्तर ने जवाब दिया, “क्या आपको वाकई इसका अंदाज़ा नहीं है कि ऐसा क्यों है?” उन्होंने आगे कहा कि बॉलीवुड इंडस्ट्री की आर्थिक स्थिति बहुत असमान है और कुछ गिने-चुने बड़े उद्योगपति इसे अपनी जेब में रख सकते हैं।

‘डर का माहौल है, धारणा की भी अहमियत होती है’
जावेद अख्तर ने मेरिल स्ट्रीप के ऑस्कर स्पीच का ज़िक्र करते हुए कहा, “उन्होंने खुलकर सरकार की आलोचना की, लेकिन उन पर कोई इनकम टैक्स रेड नहीं हुई। ये फर्क बहुत बड़ा है। अगर यहां ऐसा कोई बयान आए, तो अगले ही दिन एजेंसियों की कार्रवाई की आशंका बनी रहती है। ये धारणा लोगों के ज़हन में बैठ गई है, और यही डर उन्हें बोलने से रोकता है।”

बॉलीवुड सेलेब्स भी आम नौकरी करने वाले लोग ही हैं’
अख्तर ने यह भी स्पष्ट किया कि ये समस्या सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है। उन्होंने कहा, “लोग अलग-अलग काम करते हैं, फिल्म इंडस्ट्री में बस थोड़ी चमक-धमक ज़्यादा होती है। पर अंततः सब अपनी-अपनी नौकरियां ही कर रहे हैं।”

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