
- भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को ईडी ने गिरफ्तार किया
- कोर्ट ने 5 दिन की ईडी रिमांड पर भेजा
- शराब घोटाले में 2,000 करोड़ से ज्यादा की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
रायपुर । छत्तीसगढ़ के भिलाई से शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद चैतन्य बघेल को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें 5 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया है। अब 22 जुलाई तक चैतन्य ईडी की हिरासत में रहेंगे।
इस दौरान कोर्ट परिसर में पूर्व सीएम भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर सहित कई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
भूपेश बघेल का सरकार पर हमला: “ED को भेजा गया ताकि मैं अडाणी मुद्दा न उठा सकूं”
गिरफ्तारी के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। भूपेश बघेल ने एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा, “ED आ गई है। आज विधानसभा सत्र का अंतिम दिन है और मुझे तमनार में अडाणी के लिए काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा उठाना था। मेरे घर में ‘साहेब’ ने ED भेज दी है।”
बघेल ने आगे कहा कि पिछली बार उनके जन्मदिन पर ईडी भेजी गई थी, और इस बार उनके बेटे के जन्मदिन पर कार्रवाई की गई। उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाते हुए कहा कि “भूपेश बघेल न झुकेगा, न डरेगा।”
क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामला?
ED की जांच के अनुसार छत्तीसगढ़ में करीब 2,000 करोड़ रुपए से अधिक के शराब घोटाले का मामला सामने आया है। इस मामले में ACB द्वारा FIR दर्ज की गई थी, जिसकी आधार पर ED ने जांच शुरू की।
ईडी की रिपोर्ट के मुताबिक तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और व्यवसायी अनवर ढेबर के सिंडिकेट ने मिलकर यह घोटाला अंजाम दिया। जांच में यह बात सामने आई कि इसी सिंडिकेट के जरिए पैसे की अवैध हेराफेरी की गई और शराब की आपूर्ति व्यवस्था में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई।
ईडी ने चैतन्य की गिरफ्तारी लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल के बयान के आधार पर की है, जिसे घोटाले से जुड़े अहम गवाह के तौर पर देखा जा रहा है।
राहुल और प्रियंका गांधी ने की भूपेश से बात
भूपेश बघेल ने विधानसभा में कहा कि जैसे ही वह तमनार के मुद्दे पर बोलने वाले थे, उन्हें एक पर्ची मिली जिसमें बेटे की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई उन्हें चुप कराने की साजिश है। उन्होंने यह भी बताया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने फोन कर स्थिति की जानकारी ली है।
यूथ कांग्रेस और NSUI का प्रदर्शन, नेता बोले- यह तानाशाही है
ED की कार्रवाई के विरोध में NSUI और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी चौक पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा, “अब पुतले जलाने से कुछ नहीं होगा, दिल जलाना होगा।”
पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि यह कार्रवाई बदले की भावना से की गई है, जबकि विधायक उमेश पटेल ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि “यह लोकतंत्र की नहीं, अडाणी की सरकार है।”







