
जलालपुर, अंबेडकर नगर। ग्राम पंचायत नेवादा कला स्थित प्राथमिक विद्यालय में शुक्रवार को शिक्षा चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय, शिक्षक और अभिभावकों के बीच समन्वय स्थापित कर बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता को और सुदृढ़ बनाना रहा। चौपाल में सरकारी योजनाओं, छात्र उपस्थिति, शिक्षण नवाचार और शैक्षिक प्रगति से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
मां सरस्वती के चित्र से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद शिक्षा चौपाल की औपचारिक कार्यवाही आरंभ की गई। संचालन अमरनाथ शर्मा द्वारा किया गया, जिन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्य पर प्रकाश डाला।
अभिभावकों को दी गई योजनाओं की जानकारी
शिक्षा चौपाल के दौरान उपस्थित अभिभावकों को शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। विशेष रूप से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजना के अंतर्गत छात्रों के खातों में भेजी जाने वाली 1200 रुपये की धनराशि के उपयोग पर चर्चा की गई। बताया गया कि इस धनराशि से बच्चों के लिए ड्रेस, स्वेटर, जूते सहित अन्य आवश्यक सामग्री खरीदी जाती है। अभिभावकों से अपील की गई कि वे इस धनराशि का उपयोग केवल बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं के लिए करें।
80 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति पर दिया गया जोर
कार्यक्रम में बच्चों की नियमित उपस्थिति को शिक्षा की गुणवत्ता से जोड़ते हुए 80 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। शिक्षकों ने अभिभावकों को समझाया कि नियमित विद्यालय उपस्थिति से बच्चों की सीखने की क्षमता और आत्मविश्वास दोनों में वृद्धि होती है। साथ ही बच्चों को समय पर विद्यालय भेजने और अध्ययन के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।









