लखनऊ। जम्मू-कश्मीर पुलिस और यूपी एटीएस की संयुक्त जांच में लखनऊ के डॉ. परवेज अंसारी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में उनके घर से तीन की-पैड फोन, एक हार्ड डिस्क और कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बरामद किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, डॉ. परवेज का आतंकी मॉड्यूल के मुख्य आरोपी डॉ. मुजम्मिल शकील और बहन डॉ. शाहीन शाहिद से संपर्क था।
10 नवंबर को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद से डॉ. शाहीन को अरेस्ट किया था। उसी दिन दिल्ली में कार ब्लास्ट हुआ। इसके बाद 11 नवंबर को ATS और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लखनऊ के लालबाग खंदारी बाजार स्थित उनके पुश्तैनी घर और मड़ियांव स्थित घर पर छापेमारी की।
छापेमारी में डॉ. परवेज के घर से कार, बाइक, की-पैड फोन, हार्ड डिस्क और अन्य गैजेट बरामद हुए। जांच एजेंसियां इन उपकरणों की फोरेंसिक और सर्विलांस जांच कर रही हैं। शुरुआती जांच में कुछ विदेशी नंबरों से संपर्क की जानकारी मिली है। अधिकारी मानते हैं कि इन गैजेट्स से मॉड्यूल की फंडिंग और संपर्कों का अहम सुराग मिल सकता है।
जांच में सामने आया कि डॉ. परवेज डिजिटल ट्रैकिंग से बचने के लिए जानबूझकर की-पैड फोन का इस्तेमाल करता था। उनकी बातचीत कई बार डॉ. मुजम्मिल शकील और डॉ. शाहीन शाहिद के साथ हुई है। माना जा रहा है कि तीनों के बीच किसी न किसी रूप में समन्वय रहा है, जो अब जांच का मुख्य बिंदु है।
हालांकि, डॉ. शाहीन और डॉ. परवेज के भाई मोहम्मद शोएब अंसारी ने मीडिया से बातचीत में आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि वे लगभग 3-4 सालों से संपर्क में नहीं हैं और विश्वास है कि उनके भाई-बहन आतंकी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि परिवार इस घटनाक्रम से हैरान है और अभी तक किसी आधिकारिक जानकारी से अवगत नहीं कराया गया है।








