- नगर निगम की लापरवाही पर भड़के किसान
- सुरेश लोधी की मौत के विरोध में 300+ किसान जुटे
- मुआवजा, नौकरी और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
लखनऊ। नगर निगम की लापरवाही के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के बैनर तले 300 से अधिक महिला-पुरुषों ने शुक्रवार को लखनऊ नगर निगम मुख्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने मुख्यालय के बाहर लाउडस्पीकर, जनरेटर और साउंड सिस्टम के साथ डेरा डाल दिया और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जातीं, वे स्थल नहीं छोड़ेंगे। विरोध का मुख्य कारण ठाकुरगंज के राधा ग्राम में 11 जुलाई को खुले नाले में बहकर सुरेश लोधी की हुई मौत है। किसान इस मामले में मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा, एक आश्रित को नौकरी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मृतक सुरेश लोधी के लिए न्याय की मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नाले के स्लैब टूटे होने की सूचना देने के बावजूद नगर निगम ने कोई कार्यवाही नहीं की, जिससे 40 वर्षीय सुरेश लोधी की जान चली गई। 28 घंटे बाद उनका शव एक किलोमीटर दूर बरामद हुआ। घटना के बाद केवल जेई को सस्पेंड किया गया और बाकी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि यह केवल खानापूर्ति है।
84 गांवों में सुविधाएं नहीं, फिर भी टैक्स वसूली
किसानों ने नगर निगम प्रशासन पर आरोप लगाया कि जिन 84 गांवों को नगर निगम क्षेत्र में शामिल किया गया है, वहां न तो सफाई व्यवस्था है और न ही जल निकासी की। कई जगह तो जलापूर्ति की पाइपलाइन तक नहीं बिछी, फिर भी 25-30 हजार रुपये तक का जल कर भेजा जा रहा है।
अन्य प्रमुख मांगें
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राधा ग्राम के मृतक सुरेश लोधी के परिजनों को 50 लाख मुआवजा
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एक परिजन को नगर निगम में नौकरी
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दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई
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84 गांवों में बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था
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जिन किसानों की ज़मीन अधिकृत हुई, उन्हें टैक्स में छूट
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कब्रिस्तान विवाद का समाधान और शव दहन की अनुमति
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किसानों के पुराने टैक्स माफ करने की मांग
भारतीय किसान यूनियन के मोहम्मद हलीम और कैफ सिद्दीकी ने बताया कि नगर निगम से संबंधित समस्याओं की भरमार है और शिकायत के बावजूद स्थानीय पार्षद और अधिकारी गंभीरता नहीं दिखाते।
प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज़ होगा। फिलहाल नगर निगम मुख्यालय के बाहर विरोध जारी है और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में ज्ञापन भी सौंपा गया।








