- डीजल खरीद में अनियमितता – धन के दुरुपयोग की आशंका
- विकास कार्यों की गुणवत्ता खराब – क्षेत्रीय जरूरतों की उपेक्षा
- अध्यक्ष का जवाब – आरोपों को बताया निराधार
नगर पंचायत राजेसुल्तानपुर में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर माहौल गर्म होता जा रहा है। वार्ड संख्या 14 के सभासद रोहित सिंह के नेतृत्व में सभासदों एवं उनके प्रतिनिधियों ने सात बिंदुओं पर आधारित शिकायती पत्र भाजपा जिलाध्यक्ष त्र्यंबक त्रिपाठी को सौंपते हुए नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सभासदों ने जिलाधिकारी को संबोधित इस शिकायती पत्र के माध्यम से नगर पंचायत द्वारा बजट प्रक्रिया, आय-व्यय का ब्यौरा, कर्मचारियों की नियुक्ति एवं सामग्री की खरीद में अनियमितताओं को उजागर किया है। आरोप है कि नगर पंचायत द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तैयार किया गया बजट बोर्ड की बैठक में पारित नहीं हुआ, फिर भी राज्य वित्त से टेंडर प्रक्रिया चलाई जा रही है, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है।
बिना बोर्ड बैठक के बजट पास, नियमों को किया दरकिनार
शिकायत के अनुसार नगर पंचायत राजेसुल्तानपुर द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट को बोर्ड बैठक में पारित कराए बिना ही आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह प्रक्रिया न केवल असंवैधानिक है, बल्कि वित्तीय पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है। सभासदों का कहना है कि बोर्ड की सहमति के बिना किसी भी प्रकार की बजट कार्रवाई नियमानुसार अमान्य है।
आय-व्यय ब्यौरे में पारदर्शिता पर सवाल
शिकायती पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि नगर पंचायत द्वारा पूर्व में कई बार आय और व्यय का ब्यौरा अलग-अलग मांगे जाने के बावजूद इसे एक साथ चस्पा कर कार्यालय में सार्वजनिक किया गया। इससे पारदर्शिता की भावना को ठेस पहुंचती है और यह सूचना अधिकार अधिनियम की मूल भावना के विपरीत माना जा रहा है।








