अम्बेडकरनगर। लोहिया भवन अकबरपुर में सोमवार को नवनियुक्त ग्राम पंचायत सचिवों एवं पंचायत सहायकों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के दीपप्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य नवचयनित कार्मिकों को ग्रामीण प्रशासन, शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शी कार्यप्रणाली से अवगत कराना रहा।
शासन की मंशा के अनुरूप कार्यों के प्राथमिकता निर्धारण पर जोर
प्रशिक्षण सत्र में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा नवनियुक्त सचिवों और पंचायत सहायकों को ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य संचालन की व्यवहारिक रणनीतियों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यों का प्राथमिकता निर्धारण किस प्रकार किया जाए, जिससे समय प्रबंधन बेहतर हो और अधिक कार्यभार के बावजूद बिना दबाव के कार्यों का निष्पादन किया जा सके। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ ग्रामीण जनमानस तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की मूल जिम्मेदारी है।
अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच पर विशेष चर्चा
प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि शासन की योजनाएं समाज के अंतिम पायदान पर खड़े वंचित, निर्बल और निसहाय व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचे। इसके लिए जमीनी स्तर पर सक्रियता, संवेदनशीलता और योजनाओं की गहन जानकारी आवश्यक है। सरल उदाहरणों के माध्यम से यह समझाया गया कि ग्राम पंचायत सचिव और पंचायत सहायक किस प्रकार समन्वय बनाकर योजनाओं का सफल क्रियान्वयन कर सकते हैं।








