अम्बेडकरनगर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश की ओर से जनपद में चलाया गया तीन दिवसीय खाद्य जांच एवं जागरूकता अभियान चर्चा का विषय बना। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा उपलब्ध करायी गयी मोबाइल प्रयोगशाला/एफएसडब्ल्यू वैन के माध्यम से 8 से 10 सितम्बर तक विभिन्न बाजारों में जांच की गई। इस दौरान मिठाइयों, मसालों, दालों समेत कुल 116 खाद्य नमूनों की मौके पर जांच कराई गई।
इन बाजारों में पहुँची मोबाइल लैब
अभियान के तहत कुर्की बाजार, बरियावन बाजार, केदारनगर, इल्तिफातगंज तथा नगर पालिका परिषद जलालपुर में मोबाइल प्रयोगशाला वैन लगाई गई। मौके पर मौजूद खाद्य कारोबारियों के प्रतिष्ठानों से विक्रय के लिए रखे खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए।
मौके पर हुई जांच
जांच में पाया गया कि कई मिठाइयों में खाद्य रंग का इस्तेमाल मानक से अधिक है। बेसन लड्डू, इमरती आदि के कुल 13 नमूने इस कारण फेल हुए। वहीं, 4 मिठाई के नमूनों में स्टार्च की मिलावट पाई गई। इसके अलावा दूध का 1 नमूना तथा मसाले के 2 नमूने मानक के अनुरूप नहीं पाए गए।
कारोबारियों को दिए निर्देश
मानक पर खरे न उतरने वाले नमूनों पर संबंधित कारोबारियों को चेतावनी दी गई। अधिकारियों ने साफ कहा कि भविष्य में सुधार न लाने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर खाद्य कारोबारियों को गुणवत्ता बनाये रखने और मानकों का पालन करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
230 लोगों को किया गया जागरूक
अभियान सिर्फ जांच तक सीमित नहीं रहा। मोबाइल प्रयोगशाला के विशेषज्ञों ने मौके पर मौजूद खाद्य कारोबारियों व आम नागरिकों को मिलावट की घरेलू जांच विधियां बताईं। साथ ही, मिलावटी खाद्य पदार्थों से होने वाले स्वास्थ्य दुष्परिणामों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। लगभग 230 लोगों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया और जानकारी हासिल की।








