बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति में भूचाल लाने वाले सेक्स स्कैंडल केस में शनिवार को विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते और पूर्व JDS सांसद प्रज्वल रेवन्ना को नौकरानी से बलात्कार के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने आरोपी पर 10 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है, जिसमें से 7 लाख रुपए पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे।
इससे पहले शुक्रवार को कोर्ट ने प्रज्वल को दोषी करार दिया था। सुनवाई के दौरान रेवन्ना ने खुद को निर्दोष बताते हुए कोर्ट से कम सजा देने की अपील की थी। लेकिन अदालत ने महिला के साथ हुए लंबे समय तक यौन शोषण और धमकी को गंभीर अपराध मानते हुए अधिकतम सजा दी।
फार्महाउस पर कई बार किया गया रेप
मामला अप्रैल 2023 में दर्ज हुआ था, जब रेवन्ना के परिवार के फार्महाउस में काम करने वाली 47 वर्षीय महिला ने एफआईआर कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि 2021 से लेकर कई बार उसके साथ रेप किया गया और किसी को बताने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई।
कोर्ट ने इस केस में IPC की धारा 376 (रेप), 354 (छेड़छाड़), 506 (धमकी), 354-C (ताक-झांक) और आईटी एक्ट की धाराओं में केस चलाया था। यह चार रेप मामलों में से पहला है जिसमें सजा सुनाई गई है।
50 से ज्यादा महिलाओं ने लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप
पिछले साल प्रज्वल का नाम कर्नाटक सेक्स स्कैंडल में सामने आया था, जिसमें उस पर 50 से ज्यादा महिलाओं के साथ यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और धमकी देने के आरोप लगे थे। सोशल मीडिया पर 2,000 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो क्लिप्स भी वायरल हुई थीं। अब तक उसके खिलाफ चार एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।
चुनाव के बाद विदेश भागा, 35 दिन बाद लौटा
2024 के लोकसभा चुनावों में हासन सीट से लड़ने के बाद रेवन्ना 27 अप्रैल को जर्मनी भाग गया था। जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं में गुस्से के बाद, 31 मई को वह भारत लौटा तो उसे बेंगलुरु एयरपोर्ट से ही गिरफ्तार कर लिया गया।
दादा देवेगौड़ा की चेतावनी के बाद लौटने का किया ऐलान
रेवन्ना की वापसी तब हुई जब पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने सार्वजनिक रूप से कहा कि अगर प्रज्वल देश नहीं लौटता तो उसे परिवार का समर्थन नहीं मिलेगा। इसके बाद 27 मई को रेवन्ना ने एक वीडियो संदेश जारी कर 31 मई को SIT के सामने पेश होने की बात कही थी।
वीडियो में प्रज्वल ने अपने माता-पिता, दादा और पार्टी कार्यकर्ताओं से माफी मांगी थी और दावा किया था कि उस पर लगे सभी आरोप झूठे हैं। हालांकि कोर्ट ने सबूतों के आधार पर उसे दोषी करार दिया और अब वह उम्रकैद की सजा भुगतेगा।








