
अंबेडकरनगर। अंबेडकरनगर में राजेसुल्तानपुर थाने में युवक के साथ कथित थर्ड डिग्री टॉर्चर के मामले में पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। प्राथमिक जांच के आधार पर तीन सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। साथ ही पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच सीओ आलापुर को सौंप दी गई है।
हिरासत में लेने के बाद मारपीट का आरोप
जानकारी के अनुसार देवरिया बुजुर्ग निवासी अंकित तिवारी को राजेसुल्तानपुर पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मिली शिकायत के आधार पर सोमवार को हिरासत में लिया था। शिकायत गाली-गलौज से जुड़ी बताई गई।
आरोप है कि थाने में बंद करने के बाद तीन पुलिसकर्मियों ने युवक को रातभर बेल्ट से पीटा। इससे उसके शरीर पर चोट के निशान पड़े। युवक ने मानसिक प्रताड़ना का भी आरोप लगाया है।
शांति भंग में चालान, धमकी का भी आरोप
अगले दिन पुलिस ने युवक का शांति भंग में चालान कर दिया। आरोप यह भी है कि शिकायत करने पर उसे फर्जी मामले में फंसाने की धमकी दी गई। घटना से आहत युवक ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
इस मामले का एक वीडियो भी सामने आया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया।
संगठनों ने किया विरोध, सौंपा ज्ञापन
घटना के बाद कांग्रेस और सवर्ण आर्मी ने भी मामले का संज्ञान लिया। सवर्ण आर्मी के कार्यकर्ताओं ने आलापुर में प्रदर्शन किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। वहीं कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने युवक से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
प्राथमिक जांच के बाद कार्रवाई
सीओ आलापुर प्रदीप सिंह चंदेल की प्राथमिक जांच में आरोपों को गंभीर पाया गया। इसके बाद एसपी प्राची सिंह ने सिपाही संजीत पाठक, सतीश यादव और हिमांशु सोलियान को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया।









