विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को टांडा नगर में भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया। नगर के विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों स्वयंसेवकों ने पारंपरिक गणवेश में अनुशासित ढंग से संचलन करते हुए देशभक्ति, अनुशासन और संगठन की शक्ति का प्रदर्शन किया।
शस्त्र पूजन के साथ हुआ आयोजन का शुभारंभ
पथ संचलन कार्यक्रम का शुभारंभ शस्त्र पूजन से हुआ। इस अवसर पर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य द्वारा विधिवत पूजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ने की।
समाजहित को प्राथमिकता देने का संदेश
कार्यक्रम के बौद्धिक सत्र में संबोधित करते हुए वक्ता ने कहा कि व्यक्तिगत हित से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के कल्याण की दिशा में कार्य करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ का उद्देश्य केवल संगठन विस्तार नहीं, बल्कि देश को समर्पित नागरिक तैयार करना है जो सेवा, अनुशासन और समर्पण के मूल मंत्र को जीवन में उतारें।
छह बस्तियों से एकत्रित हुए स्वयंसेवक
पथ संचलन से पूर्व टांडा नगर की छह बस्तियों—नेहरू नगर, मुबारकपुर, आनंद नगर, हरीनगर, शिवपुरम और जीवननगर से स्वयंसेवक निर्धारित समय पर एकत्र हुए। यहां से संचलन शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ सरस्वती शिशु मंदिर परिसर तक पहुँचा।
मार्ग में दिखा जनसमर्थन, जगह-जगह स्वागत
संचलन का मार्ग सरस्वती शिशु मंदिर, जुबेर चौराहा, घंटाघर, गुरुद्वारा, झारखंडी मंदिर, अलीगंज पुलिया, आदर्श चौराहा और बस स्टॉप से होते हुए पुनः शिशु मंदिर परिसर पर समाप्त हुआ। पूरे मार्ग पर नगरवासियों ने जगह-जगह फूलों की वर्षा कर स्वयंसेवकों का अभिनंदन किया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग ने पथ संचलन का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।








