
- क्षेत्रवासियों में आक्रोश, सड़क सुरक्षा के लिए उठी मांग
- एमएलसी हरिओम पांडेय ने डीएम को लिखा पत्र
- गोलचक्कर व ट्रैफिक प्रबंधन की दिशा में होगा काम
अंबेडकरनगर। जनपद के महरूआ बाजार स्थित गुगुरगंज चौराहा, जहां राष्ट्रीय राजमार्ग टांडा-अकबरपुर-सुल्तानपुर और प्रमुख जिला मार्ग गोशाईगंज-भीटी-महरूआ-दोस्तपुर आपस में मिलते हैं, पिछले एक वर्ष से लगातार हादसों का केंद्र बना हुआ है। इस चौराहे पर अब तक दो दर्जन से अधिक सड़क दुर्घटनाओं में कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों घायल होकर जीवनभर की पीड़ा झेलने को मजबूर हैं। हालात से आक्रोशित क्षेत्रवासियों की आवाज अब शासन-प्रशासन तक पहुंच गई है।
हादसों से त्रस्त जनता, उठी सड़क सुरक्षा की मांग
गुगुरगंज चौराहे पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है। राष्ट्रीय और जिला मार्गों के मिलने से यह चौराहा बेहद व्यस्त रहता है। यहां उचित ट्रैफिक प्रबंधन और संरचनात्मक व्यवस्था के अभाव में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। लगातार हो रही मौतों ने क्षेत्रवासियों में भय का माहौल पैदा कर दिया है।
क्षेत्रीय समस्याओं को देखते हुए विधान परिषद सदस्य हरिओम पांडेय ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर गुगुरगंज चौराहे पर सड़क सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि गोलचक्कर जैसे स्थायी समाधान कराए जाएं, जिससे वाहन नियंत्रित गति से गुजरें और दुर्घटनाओं में कमी आए।
एमएलसी के पत्र पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया है कि शीघ्र ही उचित कार्यवाही की जाएगी। डीएम ने साफ कहा है कि सड़क सुरक्षा जनता की प्राथमिक जरूरत है और इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने से पीछे नहीं हटा जाएगा।








