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ताजमहल में जलाभिषेक की मांग पर आज कोर्ट में सुनवाई
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कांग्रेस नेता जैदी ने वक्फ संपत्ति बताकर अर्जी दी
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योगी यूथ ब्रिगेड ने तेजोमहालय शिव मंदिर बताया
आगरा। ताजमहल में जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक की अनुमति को लेकर आज दोपहर 2 बजे आगरा के लघु न्यायालय में सुनवाई होगी। यह मामला योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर द्वारा दाखिल किया गया था। पिछली सुनवाई 6 मार्च को हुई थी, लेकिन समय की कमी के कारण सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी की पक्षकार बनने की अर्जी पर बहस नहीं हो सकी थी।
सुनवाई से पहले बदला गया एएसआई अधिकारी
इस मामले में प्रतिवादी के रूप में एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. राजकुमार पटेल को नामित किया गया था। हालांकि, हाल ही में उनका तबादला हो गया है, जिससे अब इस केस में नया एएसआई अधिकारी पक्ष प्रस्तुत करेगा।
वक्फ संपत्ति बताकर पक्षकार बनने की अर्जी
कांग्रेस नेता सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी ने ताजमहल को वक्फ बोर्ड की संपत्ति बताते हुए पक्षकार बनने की अर्जी दी थी। वादी के अधिवक्ता शिव आधार सिंह तोमर ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जैदी ना तो शाहजहां-मुमताज के वंशज हैं और ना ही उनकी निजी संपत्ति होने का कोई दावा बनता है।
ताजमहल के शिव मंदिर होने का दावा
वादी कुंवर अजय तोमर का कहना है कि ताजमहल असल में तेजोमहालय शिव मंदिर है, जिसे राजा परमार्दिदेव ने 1155 से 1212 ईस्वी के बीच बनवाया था। बाद में इसे राजा मानसिंह और राजा जयसिंह ने महल के रूप में सुरक्षित रखा, जिसे शाहजहां ने अपने शासनकाल में धोखे से हथिया लिया। उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थान करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा है।
एएसआई ही लड़ेगा ताजमहल का केस
पिछली सुनवाई में एएसआई की ओर से भी सैयद इब्राहिम जैदी के पक्षकार बनने पर आपत्ति दर्ज की गई थी। एएसआई के अधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि ताजमहल से जुड़ी कानूनी जिम्मेदारी सिर्फ एएसआई की है।








