अम्बेडकरनगर। जहांगीरगंज फीडर की बिजली आपूर्ति इन दिनों उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है। जिले के अन्य सभी फीडरों जैसे आलापुर टाउन और कोल्ड स्टोरेज फीडर पर निर्बाध बिजली दी जा रही है, लेकिन केवल जहांगीरगंज फीडर पर लगातार कटौती कर बिजली विभाग ने सवालों के घेरे में खुद को ला खड़ा किया है।
जहांगीरगंज फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को प्रतिदिन आठ घंटे की लगातार बिजली भी नसीब नहीं हो पा रही है। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले किसान, व्यापारी, छात्र और आमजन लंबे समय से इस व्यवस्था से त्रस्त हैं। इन क्षेत्रों में बिजली की आंखमिचौली आम बात हो गई है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
जहांगीरगंज फीडर के अंतर्गत आने वाले गांवों में भाजपा के परंपरागत समर्थकों की संख्या अच्छी-खासी है। बावजूद इसके, इन क्षेत्रों को प्राथमिकता देने के बजाय बिजली आपूर्ति में जानबूझकर कटौती की जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ अधिकारी तैनाती के बाद से ही सरकार विरोधी रणनीति पर काम कर रहे हैं और सुनियोजित तरीके से असंतोष फैलाने की कोशिशें हो रही हैं।
फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि अवर अभियंता से लेकर अधिशासी अभियंता तक, किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का फोन नहीं उठता। उपभोक्ताओं को कोई सूचना नहीं मिलती, जिससे उनकी समस्याएं और गहरी हो जाती हैं। तकनीकी गड़बड़ियों की जानकारी के लिए अधिकारी संपर्क से बाहर रहते हैं।
कभी गेहूं की कटाई तो कभी विद्युत तार बदलने का कार्य दिखाकर महीनों तक दिन में बिजली आपूर्ति ठप रखी जाती है। वहीं, तेज हवा को भी बहाना बनाकर आए दिन फीडर की सप्लाई काट दी जाती है। यह सब उस वक्त हो रहा है जब अन्य फीडरों पर निर्बाध बिजली दी जा रही है। यह भेदभाव स्थानीय जनता को बार-बार झटका दे रहा है।








