- सीएमओ कार्यालय से जारी अल्ट्रासाउंड सूची पर उठा विवाद
- नियमों की अनदेखी कर पीजी डॉक्टर को मिली अनुमति
- एडिशनल सीएमओ की पत्नी से जुड़े अस्पताल का नाम आया सामने
अंबेडकरनगर। जिले के स्वास्थ्य विभाग में जारी हुई एक अल्ट्रासाउंड सूची ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। 13 सितंबर को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय से जारी हुई सूची में नियमों को ताक पर रखकर कुछ चिकित्सकों को शामिल किया गया है। इस सूची में पीजी कर रही चिकित्सक को अल्ट्रासाउंड की अनुमति दिए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। मामला रामा मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल से जुड़ा है, जहां नियमों को दरकिनार कर डॉक्टर को अधिकृत किया गया है। अस्पताल का स्वामित्व एडिशनल सीएमओ की पत्नी के नाम होने की बात भी सामने आ रही है।
नियमों की अनदेखी, पीजी डॉक्टर को मिली अनुमति
पीसीपीएनडीटी एक्ट (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques Act) के तहत अल्ट्रासाउंड जांच के लिए अनुभवी और पंजीकृत चिकित्सक की अनिवार्यता तय की गई है। एक्ट के अनुसार, जो चिकित्सक पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे होते हैं, उन्हें अल्ट्रासाउंड जांच करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। बावजूद इसके, सीएमओ कार्यालय द्वारा जारी सूची में रामा मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, राहुल नगर कॉलोनी, अकबरपुर की डॉक्टर रोली द्विवेदी का नाम बतौर अल्ट्रासाउंड चिकित्सक शामिल है।
सूत्रों की मानें तो डॉ. रोली द्विवेदी वर्तमान में पीजी कर रही हैं, फिर भी उन्हें संवेदनशील जांच की अनुमति दी गई, जो सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है।
रिश्तेदारी का लाभ? एडिशनल सीएमओ से जुड़ा मामला
सूत्रों के अनुसार, रामा हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन एडिशनल सीएमओ डॉ. संजय वर्मा की पत्नी के नाम पर है। डॉ. संजय वर्मा जिले में पदस्थ हैं और स्वास्थ्य विभाग में प्रभावी भूमिका में हैं। ऐसे में अल्ट्रासाउंड सूची में नियमविरुद्ध नाम शामिल होना, पारिवारिक लाभ पहुंचाने की मंशा की ओर इशारा करता है।








