कैसे तय होते हैं सर्किल रेट और इनका असर कहां तक?

  • जिलेभर में नई जमीन दरों पर आमजन से मांगे गए सुझाव
  • जमीन की खरीद-बिक्री पर असर डालेंगे संशोधित सर्किल रेट
  • सुझाव देने की अंतिम तिथि 17 मई निर्धारित

अम्बेडकरनगर। जनपद प्रशासन ने भूमि संबंधी लेनदेन और स्टांप शुल्क के निर्धारण के लिए प्रयुक्त होने वाली पुनरीक्षित वार्षिक मूल्यांकन सूची (सर्किल रेट) जारी कर दी है। यह सूची अब जिले के सभी उप-निबंधक कार्यालयों और सहायक महानिरीक्षक निबंधन कार्यालय में जनता के अवलोकन हेतु उपलब्ध करा दी गई है।

कैसे दर्ज कराएं आपत्ति या सुझाव?

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. सदानंद गुप्ता ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को संशोधित सर्किल रेट में प्रस्तावित मूल्यों के संबंध में कोई आपत्ति या सुझाव है, तो वह 17 मई, शाम 5 बजे तक लिखित रूप में प्रस्तुत कर सकता है। आपत्तियां निम्न कार्यालयों में दर्ज कराई जा सकती हैं:

  • संबंधित उप-निबंधक कार्यालय
  • सहायक महानिरीक्षक निबंधन कार्यालय
  • अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) कार्यालय
  • अंतिम तिथि के बाद आपत्ति नहीं मानी जाएगी

डॉ. गुप्ता ने स्पष्ट किया कि 17 मई के बाद प्राप्त होने वाली किसी भी आपत्ति या सुझाव पर विचार नहीं किया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे समय रहते सूची का अवलोकन करके अपने सुझाव दर्ज कराएं, ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

सर्किल रेट का महत्व

पुनरीक्षित सर्किल रेट न केवल सरकारी राजस्व को प्रभावित करते हैं, बल्कि संपत्ति खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री शुल्क के निर्धारण में भी अहम भूमिका निभाते हैं। नए मूल्यांकन से जमीन की बाजार कीमतों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

जल्दी करें!

प्रशासन ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे अंतिम तिथि का ध्यान रखें और समय पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराएं, ताकि भविष्य में किसी तरह की असुविधा न हो।

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