एनसीसी कैडेट्स की भूमिका कितनी अहम है संकट की घड़ी में?

  • औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा परीक्षण की अनोखी रणनीति
  • रात्रिकालीन ब्लैकआउट में कितनी चुस्त है पुलिस व्यवस्था?
  • अस्पतालों की तैयारी को परखा जाएगा असली हालात में

अम्बेडकरनगर। केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों के तहत बुधवार को जिलेभर में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए एक व्यापक स्तर की मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस अभ्यास का उद्देश्य शांति और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती देना और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने की रणनीतियों की जांच करना है।

पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने बताया कि मॉक ड्रिल को बहुपक्षीय दृष्टिकोण से अंजाम दिया जाएगा। जिले के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों का परीक्षण किया जाएगा।

ब्लैकआउट के जरिए परखी जाएगी रात्रिकालीन सुरक्षा प्रणाली

मॉक ड्रिल के दौरान एनटीपीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट और मझौड़ा चीनी मिल जैसे औद्योगिक केंद्रों पर विशेष रूप से रात्रिकालीन ब्लैकआउट किया जाएगा। इसका मकसद यह जानना है कि बिजली बंदी की स्थिति में सुरक्षा तंत्र कैसे कार्य करता है। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी और स्थानीय पुलिस बल पूरी तरह तैनात रहेंगे।

अस्पतालों और प्रमुख भवनों में अग्निशमन उपकरणों की जांच

ब्लैकआउट के समय चिन्हित अस्पतालों और सरकारी भवनों में आग से बचाव के उपकरणों की स्थिति का निरीक्षण किया जाएगा। इसके साथ ही वैकल्पिक बिजली आपूर्ति व्यवस्थाओं की भी जांच की जाएगी ताकि आपातकाल में मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

रेलवे स्टेशन पर भी होगा आपदा प्रबंधन का अभ्यास

रेलवे स्टेशन को भी मॉक ड्रिल का एक अहम हिस्सा बनाया गया है। यहां यात्रियों की सुरक्षित निकासी, सायरन बजने पर निर्देशित कार्रवाई और संदिग्ध वस्तुओं की पहचान जैसे अभ्यास किए जाएंगे। स्टेशन प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

बंकर की संभावना वाले भवन होंगे चिन्हित

जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित मजबूत गोदामों और भवनों को चिन्हित किया जाएगा जिन्हें आपातकालीन स्थिति में बंकर के रूप में इस्तेमाल किया जा सके। इन स्थलों की संरचनात्मक मजबूती की भी जांच की जाएगी।

पुलिस लाइन में एनसीसी कैडेट्स को मिलेगा प्रशिक्षण

पुलिस लाइन परिसर में एनसीसी कैडेट्स की विशेष परेड कराई जाएगी। इसमें उन्हें पुलिस विभाग के हथियारों की जानकारी दी जाएगी, साथ ही आपदा की स्थिति में अपनाए जाने वाले उपाय, कर्तव्य और जनजागरूकता से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

युद्ध या एयर अटैक की स्थिति में कार्ययोजना पर चर्चा

एसपी ने बताया कि एनसीसी कैडेट्स, होमगार्ड्स और पीआरडी जवानों के साथ संयुक्त बैठक कर उन्हें संभावित युद्ध या एयर अटैक की स्थिति में अपनाए जाने वाले निर्देशों की जानकारी दी जाएगी। इसमें आम नागरिकों की सुरक्षा और सही संदेश संप्रेषण पर जोर रहेगा।

पब्लिक एड्रेस सिस्टम की भी होगी जांच

जिले में स्थापित 14 प्रमुख पब्लिक एड्रेस सिस्टम की कार्यप्रणाली की जांच की जाएगी। इन उपकरणों का परीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आपात स्थिति में इनसे सही समय पर सूचनाएं प्रसारित की जा सकें।

डायल 112 इमरजेंसी टीम को रखा जाएगा अलर्ट मोड पर

आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए डायल 112 इमरजेंसी रिस्पांस टीम को विशेष सतर्कता के साथ एक्टिव रखा जाएगा। इन्हें भीड़ नियंत्रण, प्राथमिक बचाव और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

जनसहभागिता से होगी जागरूकता

एसपी केशव कुमार ने कहा कि यह मॉक ड्रिल केवल प्रशासनिक पहल नहीं है, बल्कि इसमें जनसहभागिता को भी प्रमुखता दी गई है। एनसीसी कैडेट्स और स्वयंसेवकों को गांव-गांव जाकर आपातकालीन स्थितियों से निपटने के उपायों के प्रति लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल एक प्रभावी तरीका है यह सुनिश्चित करने का कि किसी भी आपदा की घड़ी में हर विभाग और व्यक्ति अपनी जिम्मेदारियों के लिए पूरी तरह सतर्क है।

Related Posts

महाशिवरात्रि को लेकर सुरक्षा अलर्ट

अंबेडकरनगर। आगामी महाशिवरात्रि पर्व को देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में है। बुधवार को पुलिस अधीक्षक अभिजित आर शंकर ने थाना कोतवाली टांडा क्षेत्र के अंतर्गत स्थित झारखंडी गौरी…

Continue reading
हज यात्रा 2026: टीकाकरण और प्रशिक्षण की तिथियां घोषित

अंबेडकरनगर। हज यात्रा 2026 पर जाने वाले चयनित यात्रियों के लिए टीकाकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम की तिथियां निर्धारित कर दी गई हैं। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी हज…

Continue reading