- NCC कैडेटों की मॉक ड्रिल ने कैसे साबित किया उनका आपदा प्रबंधन कौशल?
- लखनऊ विश्वविद्यालय में NCC कैडेटों की प्रशिक्षण ड्रिल: हर संकट का सामना करने के लिए तैयार
- मेजर जनरल विक्रम कुमार की मार्गदर्शन में NCC कैडेटों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रो. आलोक कुमार राय ने कहा कि NCC कैडेटों का अनुशासन, तत्परता, और सेवा-भाव वास्तव में अद्वितीय हैं। विशेष रूप से डिजास्टर मैनेजमेंट में उनकी क्षमताओं की सराहना करते हुए, उन्होंने कहा कि कैडेटों का आपातकालीन स्थिति में कार्य करने का तरीका बेहद प्रभावशाली है।
मेजर जनरल विक्रम कुमार का मार्गदर्शन
NCC के महानिदेशक (एडीजी) मेजर जनरल विक्रम कुमार ने कैडेटों को आपदा प्रबंधन, संकट के समय त्वरित प्रतिक्रिया और कौशल का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि ऐसे संकटों का सामना करने के लिए कैडेटों को तैयार रहना आवश्यक है और उन्हें अपनी क्षमताओं का सही दिशा में उपयोग करना चाहिए।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य: युद्ध जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में तैयारी
LU के प्रवक्ता प्रो. दुर्गेश ने मॉक ड्रिल के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य कैडेटों को युद्ध जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशिक्षित करना था, जिसमें बम विस्फोट, ब्लैकआउट, या घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुँचाने जैसी स्थिति शामिल थीं। ड्रिल के दौरान, कैडेटों ने वास्तविक परिस्थितियों का सामना करते हुए रणनीतिक संचालन, प्राथमिक चिकित्सा सहायता, और संकट प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का अभ्यास किया।
मानसिक और शारीरिक बल के साथ-साथ टीमवर्क को भी बढ़ावा
प्रो. दुर्गेश ने बताया कि इस मॉक ड्रिल ने न केवल कैडेटों के मानसिक और शारीरिक बल को सुदृढ़ किया, बल्कि टीमवर्क और सेवा भाव की भावना को भी मजबूत किया। इस अभ्यास ने यह सिद्ध कर दिया कि NCC के कैडेटों को आपातकालीन परिस्थितियों में सटीक और प्रभावी निर्णय लेने के लिए पूरी तरह से तैयार किया जा रहा है।








