
- ऑपरेशन सिंदूर’ में व्योमिका सिंह की भूमिका
- पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक: व्योमिका सिंह का अनुभव
- लखनऊ की विंग कमांडर की उड़ान की प्रेरक कहानी
लखनऊ। भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह, जिन्होंने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक की जानकारी दी, भारतीय सेना की शौर्य गाथा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं। 21 साल से वायुसेना में अपनी सेवा दे रही व्योमिका सिंह ने वायुसेना के विशेषज्ञ हेलिकॉप्टर पायलट के रूप में जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर और अन्य दुर्गम इलाकों में महत्वपूर्ण मिशन अंजाम दिए हैं।
‘व्योमिका’ नाम ने बदली किस्मत
लखनऊ की रहने वाली विंग कमांडर व्योमिका सिंह के लिए उनका नाम ‘व्योमिका’ ही उनके भाग्य का निर्माण कर गया। 6वीं कक्षा में नाम के अर्थ के बारे में जानने के बाद उन्होंने तय किया कि वे एक दिन आसमान की शेरनी बनेंगी। एक कठिन रास्ते के बावजूद, उन्होंने भारतीय वायुसेना में शामिल होकर अपनी मंजिल पाई और अब तक 2500 घंटे से अधिक की उड़ानें भर चुकी हैं।
भारत-पाकिस्तान संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका
ऑपरेशन सिंदूर, जो पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना की जवाबी कार्रवाई का हिस्सा था, में 100 से अधिक आतंकियों को मारा गया। इस ऑपरेशन का नाम उन महिलाओं को समर्पित किया गया है, जिनके पतियों की पहलगाम हमले में आतंकियों ने हत्या कर दी थी। इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए व्योमिका ने पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सेना की दृढ़ता और सामर्थ्य को दिखाया।
दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणा
व्योमिका सिंह न केवल भारतीय वायुसेना की एक सशक्त पायलट हैं, बल्कि वे महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन चुकी हैं। उन्होंने अपने जीवन के कई संघर्षों और कठिनाइयों को पार कर यह साबित किया है कि आसमान की ऊंचाई तक पहुंचने के लिए कोई भी सपना छोटा नहीं होता।








