- सीएम योगी बोले- “ऐसा सबक सिखाएंगे कि आने वाली पीढ़ियां दंगे करना भूल जाएंगी।”
- पुलिस ने 2000 अज्ञात लोगों पर 5 थानों में केस दर्ज किए
- विवाद की शुरुआत कानपुर के बारावफात जुलूस से हुई थी
‘आई लव मोहम्मद’ विवाद के बाद यूपी पुलिस सख़्त एक्शन में आ गई है। इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 39 अन्य को हिरासत में लिया गया। मौलाना को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस ने 2000 अज्ञात लोगों पर पांच थानों में मुकदमे दर्ज किए हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम में कहा कि “मौलाना भूल गए कि शासन किसका है। धमकी देंगे और जाम कर देंगे, यह नहीं चलेगा। कर्फ्यू भी नहीं लगने देंगे और ऐसा सबक सिखाएंगे कि आने वाली पीढ़ियां दंगे करना भूल जाएंगी।”
पृष्ठभूमि:
विवाद की शुरुआत 4 सितंबर को कानपुर में बारावफात जुलूस के दौरान हुई, जब ‘आई लव मोहम्मद’ लिखा बैनर लगाया गया। हिंदू संगठनों ने विरोध किया और पुलिस ने बैनर हटवाए। इसके बाद कई शहरों में ‘आई लव मोहम्मद’ और जवाब में ‘आई लव महाकाल’ जैसे पोस्टर और रैलियां हुईं।
अधिकारियों का बयान:
बरेली के डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि जिले में बीएनएस की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू थी। बिना अनुमति के मार्च या रैली की अनुमति नहीं थी।
वकील फराह फैज का बयान:
सुप्रीम कोर्ट की वकील फराह फैज ने इस पूरे घटनाक्रम को “चीप पब्लिसिटी” बताया। उन्होंने कहा कि मोहम्मद की असली मोहब्बत उनका अनुसरण करना है, सड़क पर नारेबाजी नहीं।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का बयान:
इमरान मसूद ने कहा कि “मस्जिदें नमाज के लिए होती हैं, सड़क पर उपद्रव के लिए नहीं। मोहम्मद के उसूलों पर चलना ही असली मोहब्बत है, न कि हंगामा।”








