अम्बेडकरनगर जनपद में मेडिकल स्टोरों के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में ऐसे मेडिकल स्टोर संचालित होने की जानकारी सामने आ रही है, जहां न तो पंजीकृत फार्मासिस्ट की तैनाती है और न ही औषधि अधिनियम के मानकों का पालन किया जा रहा है। नियमों के विपरीत चल रहे इन मेडिकल स्टोरों पर अब तक प्रभावी कार्रवाई न होने से प्रशासनिक व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है।
औषधि निरीक्षण तंत्र पर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार जनपद में सैकड़ों की संख्या में मेडिकल स्टोर बिना फार्मासिस्ट के संचालित किए जा रहे हैं। आरोप हैं कि औषधि निरीक्षण से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी के अभाव में यह कारोबार फल-फूल रहा है। कई स्थानों पर बिना लाइसेंस, बिना वैध दस्तावेज और बिना तकनीकी योग्यता के दवाओं की बिक्री खुलेआम की जा रही है, जिससे जनस्वास्थ्य पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।
मानकों की अनदेखी, दवाओं की बिक्री जारी
नियमों के अनुसार किसी भी मेडिकल स्टोर पर प्रशिक्षित और पंजीकृत फार्मासिस्ट की मौजूदगी अनिवार्य है। इसके बावजूद जिले में कई मेडिकल स्टोर ऐसे पाए जा रहे हैं, जहां सामान्य कर्मचारी या संचालक स्वयं दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। न तो दवाओं के रखरखाव के मानकों का पालन हो रहा है और न ही एक्सपायरी व स्टोरेज से जुड़े नियमों की जांच की जा रही है।








