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8% लाभार्थी महिलाएं, गांवों में बढ़ा स्वरोजगार
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बिना गारंटी लोन से बढ़ा आत्मविश्वास
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10 वर्षों में 52 करोड़ लोन अकाउंट्स खोले गए
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) ने 8 अप्रैल 2025 को अपने 10 साल पूरे कर लिए। इस अवसर पर मंगलवार सुबह पीएम मोदी ने लाभार्थियों से संवाद किया और उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह योजना भारतवासियों के सपनों को हकीकत में बदलने का प्रतीक बन चुकी है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “हर मुद्रा ऋण सम्मान, आत्मनिर्भरता और नए अवसर लेकर आता है। यह दिखाता है कि भारत के नागरिकों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है।”
🔹 क्या है मुद्रा योजना?
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत 2015 में हुई थी, जिसका उद्देश्य माइक्रो और छोटे व्यापारियों को बिना गारंटी लोन देना है। बीते 10 वर्षों में इस योजना के तहत 52 करोड़ से अधिक लोन खाते खोले गए और लगभग ₹32 लाख करोड़ की फंडिंग दी गई।
🔸 महिलाओं और वंचित वर्गों को सबसे ज़्यादा फायदा
इस योजना के कुल लाभार्थियों में 68% महिलाएं हैं, जबकि लगभग 50% लाभ अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्गों से हैं। इससे महिला उद्यमिता को जबरदस्त प्रोत्साहन मिला है।
🔹 बदलती कहानियां: दर्जी से रोजगारदाता तक
वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट में कई कहानियां साझा की गईं। जैसे, दिल्ली की कमलेश जो पहले घरेलू दर्जी थीं, अब उन्होंने अपने टेलरिंग बिजनेस को बढ़ाया और तीन अन्य महिलाओं को रोजगार दिया। एक अन्य महिला बिंदु, जो पहले 50 झाड़ू बनाती थीं, अब 500 झाड़ू बनाने वाली यूनिट चला रही हैं।
🔸 ग्रामीण भारत में उद्यमिता की नई लहर
इस योजना ने छोटे शहरों और गांवों तक कारोबार फैलाने में बड़ी भूमिका निभाई। SKOCH की रिपोर्ट के अनुसार, 2014 से अब तक हर साल औसतन 2.52 करोड़ नए स्थायी रोजगार PMMY के माध्यम से बने हैं।
🔹 जम्मू-कश्मीर में रिकॉर्ड मुद्रा लोन
जम्मू-कश्मीर में इस योजना के तहत करीब 20 लाख लोन स्वीकृत किए गए हैं, जिससे यहां के युवाओं और महिलाओं को बड़ा आर्थिक बल मिला है।








