
बाराबंकी में रबी सीजन के तहत गेहूं की फसल का आकलन करने के लिए जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने अनोखा कदम उठाया। वह खुद नवाबगंज तहसील के लक्षबर बजहा गांव पहुंचे और खेत में उतरकर हंसिया से गेहूं की फसल काटी।
किसानों में दिखा उत्साह
डीएम की मौजूदगी से किसानों में खासा उत्साह देखने को मिला। खेत में अधिकारियों के साथ उनकी सक्रिय भागीदारी ने किसानों का मनोबल बढ़ाया।
अधिकारियों के साथ किया निरीक्षण
इस दौरान पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने क्रॉप कटिंग की पूरी प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया।
पारदर्शिता पर दिया जोर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्रॉप कटिंग का कार्य पूरी पारदर्शिता और तय मानकों के अनुसार किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे फसल उत्पादन का सही और सटीक आकलन संभव होगा।
नीति निर्धारण में अहम भूमिका
शशांक त्रिपाठी ने बताया कि क्रॉप कटिंग से प्राप्त आंकड़े कृषि नीति निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे न केवल उत्पादन का सही आकलन होता है, बल्कि फसल बीमा दावों के निस्तारण, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करने और सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में भी मदद मिलती है।








