अम्बेडकरनगर में निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने 30 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक विशेष सघन निरीक्षण अभियान शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत जनपद के सभी गो-आश्रय स्थलों का स्थलीय सत्यापन कर मूलभूत सुविधाओं, रख-रखाव और संचालन व्यवस्था का गहन आकलन किया जाएगा।
जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को प्रतिदिन एक-एक गो-आश्रय स्थल का निरीक्षण कर जांच आख्या प्रस्तुत करने के लिए नामित किया गया है। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर कमियों की पहचान कर त्वरित सुधार सुनिश्चित किया जाएगा।
पहले दिन छह गोशालाओं का निरीक्षण
निरीक्षण अभियान के पहले दिन 30 जनवरी को जनपद के विभिन्न विकास खंडों और नगर निकायों में स्थित गो-आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने विकास खंड कटेहरी के प्रतापपुर चमुर्खा गोवंश आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण ने नगर पालिका टाण्डा में संचालित गो-आश्रय स्थल का सत्यापन किया।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने विकास खंड जलालपुर के पटोहा गानेपुर स्थित गोवंश आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व द्वारा विकास खंड अकबरपुर के सैदपुर भीतरी गो-आश्रय स्थल का निरीक्षण किया गया। अपर जिलाधिकारी न्यायिक ने नगर पालिका अकबरपुर के मिर्जापुर स्थित शहरी गोवंश आश्रय स्थल की जांच की, जबकि जिला विकास अधिकारी ने विकास खंड कटेहरी के वृहद गोवंश आश्रय स्थल का निरीक्षण किया।
कमियों पर नाराजगी, दो दिन में सुधार के निर्देश
निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों का मूल्यांकन कर संबंधित गो-आश्रय स्थल संचालकों को दो कार्य दिवसों के भीतर सुधार के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि लापरवाही या पुनरावृत्ति पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।








