क्या जातिगत जनगणना समाज के पिछड़े वर्गों के लिए एक नई उम्मीद है?

  • मोदी सरकार का ऐतिहासिक निर्णय: जातिगत जनगणना को मिली मंजूरी
  • विपक्ष का विरोध, भाजपा का समर्थन: जातिगत जनगणना पर राजनीतिक बयानी
  • केशव प्रसाद मौर्य ने मोदी के फैसले को ऐतिहासिक बताया

नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अपनी कैबिनेट बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसमें आगामी जनगणना के साथ जातिगत जनगणना भी कराने की मंजूरी दी गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कैबिनेट के फैसले की जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह जातिगत जनगणना मौजूदा जनगणना प्रक्रिया के साथ ही की जाएगी।

“विपक्षी दलों ने वर्षों तक इस मुद्दे को नज़रअंदाज़ किया”

केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “समूचा दलित, आदिवासी और पिछड़ा समाज इस फैसले का तहेदिल से स्वागत करता है। दशकों से इसकी प्रतीक्षा की जा रही थी। यह उन नेताओं के लिए एक सीख है, जो जातिगत जनगणना का मुद्दा उठाते रहे, लेकिन सत्ता में रहते हुए इसपर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।” मौर्य ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने कभी भी इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया और कंबल ओढ़कर सोते रहे।

जाति आधारित जनगणना को भारतीय राजनीति की सच्चाई बताया

विपक्ष को कटघरे में खड़ा करते हुए मौर्य ने कहा, “जाति भारतीय राजनीति की सच्चाई है और जातिगत जनगणना इसकी धुरी है। मोदी जी ने इस मुद्दे पर जो कदम उठाया है, वह भारतीय लोकतंत्र को और भी मजबूत करेगा।” मौर्य ने यह भी कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और अन्य विपक्षी गठबंधनों को अब जनता के बीच जाने का कोई हक नहीं है, क्योंकि वे इस मुद्दे पर ढोंग करते रहे हैं।

Related Posts

मुरादाबाद में गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी के लिए 50 करोड़ का बजट

मुरादाबाद। प्रदेश सरकार के बजट में मुरादाबाद को बड़ी शैक्षणिक सौगात मिली है। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए सरकार ने 50 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है।…

Continue reading
दीवान शुगर मिल में मजदूर की दर्दनाक मौत

मुरादाबाद। दीवान शुगर मिल में मंगलवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया, जिसमें 32 वर्षीय मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। गन्ने की पुलियां डालते समय…

Continue reading