कानपुर। होमगार्ड भर्ती घूसकांड में आरोपी डॉक्टर प्रवीण कुमार और डॉ. महेश कुमार द्विवेदी को शनिवार देर रात जेल भेज दिया गया। आरोप है कि दोनों ने जेल जाने से बचने के लिए एंजाइना और सर्वाइकल जैसी बीमारियों का हवाला दिया था। इसके बाद वे उर्सला अस्पताल में भर्ती हो गए थे। हालांकि, पुलिस जब दोनों को जांच के लिए हैलट अस्पताल लेकर पहुंची तो उनकी मेडिकल जांच कराई गई। इसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
हैलट अस्पताल में हुई सघन जांच
जानकारी के मुताबिक, दोनों आरोपी डॉक्टरों ने अपनी हालत गंभीर बताते हुए एक महीने के बेडरेस्ट की सलाह भी लिखवा ली थी। इसके बाद उन्हें उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया गया। शनिवार रात करीब 11 बजे पुलिस दोनों को हैलट अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उनकी सघन जांच की।
जांच के दौरान मिली रिपोर्ट के आधार पर दोनों को जेल भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। पुलिस ने रात करीब 11:40 बजे दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। इस कार्रवाई के बाद बीमारी के आधार पर जेल जाने से बचने की उनकी कोशिश सफल नहीं हो सकी।
ड्राइवर अजीत को नहीं भेजा जा सका जेल
इस मामले में आरोपी ड्राइवर अजीत को राहत मिल गई। उसका न्यायिक रिमांड खारिज होने के कारण उसे जेल नहीं भेजा जा सका। खबर के मुताबिक, इसके पीछे कोतवाली पुलिस की लापरवाही बताई जा रही है। हालांकि, रिमांड खारिज होने के सटीक कारण और पुलिस की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।









