
- नागरिक फोटो और वीडियो अपलोड कर दर्ज करा सकेंगे शिकायत
- यातायात निदेशालय एप तैयार करने में जुटा
- प्रेशर हॉर्न और मॉडीफाइड साइलेंसर पर होगी कार्रवाईलखनऊ
- विभिन्न जिलों की ट्रैफिक पुलिस से लिया जा रहा सहयोग
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जल्द ही नागरिकों को मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए ध्वनि प्रदूषण की शिकायत दर्ज कराने की सुविधा मिलने जा रही है। यातायात निदेशालय इस योजना पर तेजी से काम कर रहा है, ताकि सड़क पर शोर फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
प्रस्तावित एप के जरिए लोग प्रेशर हॉर्न, मॉडीफाइड साइलेंसर और हूटर का इस्तेमाल करने वाले वाहनों की फोटो और वीडियो अपलोड कर सीधे शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायत मिलते ही संबंधित विभाग कार्रवाई करेगा।
A. Satish Ganesh ने बताया कि Rajeev Krishna के निर्देशन में राज्य में वाहनों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को कम करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न जिलों की यातायात पुलिस के विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में प्रेशर हॉर्न, मॉडीफाइड साइलेंसर और हूटर के इस्तेमाल से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में नई व्यवस्था से ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।









