
- मेडिकल कॉलेज में आपदा प्रबंधन की तैयारी का हुआ व्यापक आकलन
- आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदम
- वार्ड में 30 बेड की विशेष व्यवस्था- आपातकालीन चिकित्सा की नई पहल
अम्बेडकरनगर। महामाया राजकीय मेडिकल कॉलेज में नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। उप प्रधानाचार्य डॉ. उमेश वर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए चिकित्सा व्यवस्था की समीक्षा की गई और कई अहम निर्णय लिए गए।
मुख्य निर्णय
- 30 बेड आरक्षित: किसी भी आपदा या आपात स्थिति से निपटने के लिए वार्ड नंबर-1 के 30 बेड विशेष रूप से आरक्षित किए जाएंगे।
- ट्रायज प्रणाली: इमरजेंसी विभाग में ‘ट्रायज’ प्रणाली लागू की जाएगी, ताकि रोगियों को प्राथमिकता के आधार पर त्वरित उपचार मिल सके।
- मॉक ड्रिल और सुरक्षा उपाय: शासन द्वारा निर्धारित मॉक ड्रिल, ब्लैकआउट और अन्य सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
- दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता: फार्मेसी विभाग को दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही, विद्युत व्यवस्था, अग्निशमन उपकरण, एंबुलेंस और जनरेटर की नियमित जांच करने के आदेश जारी किए गए।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित पटेल, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मुकुल सक्सेना, इमरजेंसी नोडल अधिकारी डॉ. राजेश यादव, फार्मेसी नोडल अधिकारी डॉ. संजय सिंह, विद्युत नोडल अधिकारी विशेष कुमार, फायर सर्विस नोडल अधिकारी डॉ. अविनाष और मीडिया प्रभारी डॉ. विवेक श्रीवास्तव सहित कई वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे। इस बैठक में सभी विभागाध्यक्षों को अपने कर्मचारियों के साथ किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए।








