लद्दाख। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लद्दाख में करीब 3,350 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का वर्चुअली उद्घाटन और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के लिए लद्दाख का विकास प्राथमिकता है। सरकार का विशेष ध्यान यहां की नई पीढ़ी को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने पर है, ताकि युवाओं को पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।
लेह एयरपोर्ट से सड़क कनेक्टिविटी तक कई परियोजनाएं
प्रधानमंत्री ने जिन परियोजनाओं की सौगात दी, उनमें लेह एयरपोर्ट का नया पैसेंजर टर्मिनल और 298 किलोमीटर लंबी निम्मू-पदुम-दरचा सड़क प्रमुख हैं। इसके अलावा 9 मेगावाट की हानू जलविद्युत परियोजना, बिजली ट्रांसमिशन लाइन, देश का पहला पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क और 40 गांवों में बनाए गए जलाशय भी शामिल हैं।
इन परियोजनाओं से लद्दाख में हवाई और सड़क संपर्क मजबूत होने के साथ बिजली की उपलब्धता और जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क के माध्यम से क्षेत्र की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
आइस हॉकी और पर्वतारोहण में युवाओं की प्रतिभा
पीएम मोदी ने कहा कि लद्दाख में खेलों की अपार संभावनाएं हैं। यहां के युवाओं ने आइस हॉकी और पर्वतारोहण जैसे क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है। सरकार का प्रयास है कि यहां की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलें, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल कर सकें।
विदेशी मेहमानों को देते हैं लद्दाख के उत्पाद
प्रधानमंत्री ने लद्दाख के स्थानीय उत्पादों की संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह विदेशी मेहमानों से मिलते हैं तो उन्हें लद्दाख में बनी चीजें उपहार में देते हैं। उन्होंने पश्मीना, स्थानीय हस्तशिल्प और खुबानी को क्षेत्र की महत्वपूर्ण पहचान बताया।
मोदी ने कहा कि खुबानी को जीआई टैग दिया गया है। सरकार का प्रयास है कि लद्दाख के स्थानीय उत्पादों को नए बाजार मिलें और उनका लाभ सीधे उत्पादकों तक पहुंचे। इससे स्थानीय कारोबार और लोगों की आय बढ़ाने के अवसर पैदा हो सकते हैं।
कनेक्टिविटी, बिजली और जल संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
लद्दाख में शुरू की गई परियोजनाओं से क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। सड़क और हवाई संपर्क बेहतर होने से लोगों की आवाजाही आसान होगी। जलविद्युत परियोजना और ट्रांसमिशन लाइन से बिजली व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, जबकि गांवों में बनाए गए जलाशय जल संरक्षण में मदद करेंगे। इन पहलों के जरिए क्षेत्र में विकास, रोजगार और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने की दिशा में काम किया जा रहा है।









