देर शाम हुए ब्लैक आउट ने सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता का किया आकलन

  • सुरक्षा तंत्र की सख्त परीक्षा, आपात स्थिति में अधिकारियों की तत्परता का हुआ परीक्षण
  • मॉकड्रिल के दौरान दिखी सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया
  • सिविल डिफेंस, एनसीसी और सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त मॉकड्रिल में दिखी उत्कृष्टता

अम्बेडकरनगर। जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले के मद्देनजर केंद्र सरकार के निर्देश पर बुधवार को जिले भर में सिविल डिफेंस मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों और नागरिक प्रशासन ने आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया।

सुबह से शाम तक चला अभ्यास

पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में सुबह से ही सिविल डिफेंस, एनसीसी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमों ने मॉकड्रिल शुरू की। एनसीसी कैडेट्स को आपात स्थिति में हथियारों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया गया, जबकि नागरिक सुरक्षा कर्मियों को सामूहिक बचाव, प्राथमिक उपचार और आपदा प्रबंधन के गुर सिखाए गए।

ब्लैक आउट ड्रिल से जाँची गई तैयारी

देर शाम जैसे ही हवाई हमले का सायरन बजा, पुलिस लाइन, एनटीपीसी टांडा और शहरी क्षेत्रों में ब्लैक आउट प्रक्रिया लागू की गई। करीब 30 मिनट तक बिजली काटकर आपातकालीन स्थिति का सिमुलेशन किया गया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण हुआ।

सार्वजनिक स्थलों पर भी हुआ अभ्यास

ब्लैक आउट से पहले बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, व्यावसायिक केंद्रों और स्कूलों में भी मॉकड्रिल आयोजित की गई। अधिकारियों ने तत्काल तैनाती, जनसुरक्षा, घायलों की चिकित्सा और एजेंसियों के बीच समन्वय पर विशेष ध्यान दिया।

राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि” – जिलाधिकारी

जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा, “ऐसे अभ्यास न सिर्फ सतर्कता बढ़ाते हैं, बल्कि आपदा के समय जान-माल की क्षति को कम करते हैं।” वहीं, पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने बताया कि इस ड्रिल से सुरक्षा बलों की तैयारी का आकलन हुआ और कमियों को दूर करने पर काम किया जाएगा।

सभी विभागों ने निभाई सक्रिय भूमिका

इस अभ्यास में सिविल डिफेंस, एनटीपीसी, अल्ट्राटेक, दूरसंचार कंपनियों और अन्य विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला, अपर जिलाधिकारी न्यायिक रंजीत सिंह और एडिशनल एसपी विशाल पांडे समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

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