
- आवेदन की अंतिम तिथि 27 जून 2025
- प्रकाशन अनुदान योजना के अंतर्गत पांडुलिपियों के लिए आर्थिक सहयोग
- दोनों योजनाओं के लिए आय प्रमाण पत्र व संस्तुति आवश्यक
अम्बेडकरनगर। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा साहित्य सेवा से जुड़े वरिष्ठ साहित्यकारों एवं रचनाकारों के लिए साहित्यकार कल्याण कोष योजना और प्रकाशन अनुदान योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता हेतु प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। संस्थान की इन दोनों योजनाओं के लिए तय की गई समय-सीमा के अंतर्गत इच्छुक आवेदक निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं।
विषम आर्थिक स्थितियों से जूझ रहे साहित्यकारों को चिकित्सा सहायता
उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ द्वारा संचालित साहित्यकार कल्याण कोष योजना के तहत ऐसे साहित्यकार, जिनकी समस्त स्रोतों से वार्षिक आय अधिकतम ₹5 लाख तक है और जिन्होंने 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है, उन्हें ₹50 हजार तक की एकमुश्त चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस सहायता का उद्देश्य साहित्यिक सेवा में सक्रिय वरिष्ठ साहित्यकारों को विषम परिस्थितियों में राहत प्रदान करना है।
आवेदन के लिए 27 जून तक की अंतिम तिथि निर्धारित
चिकित्सा सहायता हेतु आवेदन करने की अंतिम तिथि 27 जून 2025 तय की गई है। आवेदकों को तहसीलदार द्वारा निर्गत आय प्रमाण पत्र, चिकित्सक प्रमाण पत्र तथा दो प्रतिष्ठित साहित्यकारों की संस्तुति संलग्न करनी होगी। संपूर्ण दस्तावेजों के साथ आवेदन पत्र सीधे निदेशक, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, राजर्षि पुरुषोत्तमदास टंडन हिंदी भवन, 6 महात्मा गांधी मार्ग, हजरतगंज, लखनऊ को प्रेषित किए जाने हैं।
प्रकाशन अनुदान योजना के अंतर्गत पांडुलिपियों के लिए आमंत्रित हैं प्रस्ताव
इसके अतिरिक्त संस्थान द्वारा प्रकाशन अनुदान योजना के अंतर्गत ऐसे रचनाकारों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं, जिनकी वार्षिक आय (सभी स्रोतों से) ₹5 लाख से अधिक नहीं है। इस योजना के अंतर्गत रचनाकारों को अधिकतम 200 पृष्ठों की पांडुलिपि के प्रकाशन हेतु अनावर्तक प्रकाशन अनुदान प्रदान किया जाएगा।









