
- तारा खुर्द, रामपुर बहोरिकपुर, तेदुआ बसखरी में स्थिति गंभीर
- प्रशासन का दावा—पर्याप्त है यूरिया, जल्द सुधरेगी आपूर्ति
- जमीनी हकीकत और विभागीय दावों में दिखा बड़ा अंतर
अंबेडकरनगर। जिले में धान की फसल के लिए आवश्यक यूरिया खाद की कमी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अधिकतर सहकारी समितियों पर पिछले कई दिनों से यूरिया की आपूर्ति प्रभावित है। स्थिति यह है कि सुबह से शाम तक समितियों पर किसानों की लंबी कतारें लगी रहती हैं, लेकिन अधिकांश को घंटों इंतजार के बाद भी एक बोरी खाद मुश्किल से मिल पा रही है। कई किसानों को निराश होकर खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
धान की बढ़वार पर असर का खतरा
धान की फसल में इस समय यूरिया डालने का महत्वपूर्ण चरण चल रहा है। समय पर खाद न मिलने से पौधों की बढ़वार रुकने और फसल के सूखने का खतरा है। किसानों का कहना है कि यदि स्थिति जल्द न सुधरी तो उनकी मेहनत और आय दोनों पर सीधा असर पड़ेगा।
तारा खुर्द, रामपुर बहोरिकपुर और तेदुआ बसखरी में समस्या
तारा खुर्द सहकारी समिति पर किसानों को घंटों धूप में खड़े रहने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही है। रामपुर बहोरिकपुर और तेदुआ बसखरी प्रथम समेत कई समितियों पर भी यही हाल है। किसानों का कहना है कि यूरिया की उपलब्धता बेहद कम है और वितरण के दौरान भीड़ बढ़ने से अव्यवस्था हो रही है।
प्रशासन का दावा, पर्याप्त है यूरिया
प्रशासन और कृषि विभाग का दावा है कि जिले में यूरिया खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जहां-जहां खाद नहीं पहुंची है, वहां जल्द ही आपूर्ति की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि लगातार ट्रकों से लोडिंग कर समितियों पर भेजा जा रहा है और कुछ ही दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी।








