- लखनऊ में आदर्श माध्यमिक शिक्षक संघ का सांकेतिक धरना
- 2001 में नियुक्त 2300 से अधिक शिक्षक पुरानी पेंशन से वंचित
- 2007 में स्थायी हुए शिक्षक, अनुभव गिना पर पेंशन योजना से बाहर
लखनऊ। पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर बुधवार को लखनऊ के पार्क रोड स्थित माध्यमिक शिक्षा निदेशक के शिविर कार्यालय में आदर्श माध्यमिक शिक्षक संघ ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए शिक्षकों ने जमकर नारेबाजी करते हुए एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया।
नियुक्ति 2005 से पहले, फिर भी नहीं मिल रही पेंशन
प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि सरकार ने स्पष्ट किया है कि 2005 से पहले नियुक्ति पाने वाले कार्मिकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलेगा। बावजूद इसके 2001 में नियुक्त शिक्षकों को अभी तक यह सुविधा नहीं दी गई है।
2300 से अधिक शिक्षकों का मामला, अनुभव भी माना गया
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. आशा लता सिंह ने बताया कि वर्ष 2001 में 2300 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति मानदेय पर की गई थी, जिन्हें 2007 में एडेड स्कूलों में स्थायी किया गया। उस समय उनके अनुभव को नियुक्ति तिथि से ही मान्य किया गया, लेकिन पेंशन योजना में उन्हें 2005 के बाद नियुक्त मानते हुए लाभ से वंचित कर दिया गया।
मुख्यमंत्री से की गई कई बार गुहार
शिक्षकों ने इस मुद्दे को लेकर कई बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गोरखपुर में जनता दर्शन के दौरान मुलाकात की। सीएम ने मामले पर विचार का आश्वासन भी दिया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
अफसर गुमराह कर रहे मुख्यमंत्री को: संघ
संघ का आरोप है कि विभागीय अधिकारी मुख्यमंत्री के आदेशों का इंतजार करने का हवाला देते हैं, लेकिन जब मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाता है तो यही अधिकारी उन्हें गुमराह कर देते हैं।
IGRS और पत्राचार से भी नहीं मिली राहत
शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने IGRS पोर्टल पर शिकायतें दर्ज कराई, लेकिन हर बार ‘निस्तारित’ बताकर मामले को बंद कर दिया गया। अब शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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रिटायर हो चुके शिक्षक भी लाभ से वंचित
लखीमपुर खीरी से आए शिक्षक अवधेश कुमार यादव ने बताया कि वे 2001 में नियुक्त हुए थे और 2007 में परमानेंट हुए। आज तक उन्हें पेंशन योजना का लाभ नहीं मिला। कई ऐसे शिक्षक हैं जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन पेंशन से वंचित हैं।








